नौकरी या प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

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10 फ़रवरी: सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में सरकारी नौकरियों के प्रमोशन में आरक्षण और कोटा को मूलभूत अधिकार मानने से इनकार कर दिया।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है और कोई भी अदालत राज्य सरकार को एससी/एसटी समुदाय को आरक्षण देने का आदेश नहीं दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में फैसला दिया कि यह राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर है कि वह यह तय करे कि पदोन्नति में आरक्षण देना है या नहीं। प्रमोशन में आरक्षण देने को लेकर राज्यों पर कोई दायित्व नहीं है।

उत्तराखंड के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) में असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पदों पर प्रमोशन के लिए SC/ST समुदाय के लोगों द्वारा दायर अपील पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस एल नागेश्वर राव और हेमंत गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को कहा, राज्य सरकार आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं है. पदोन्नति में आरक्षण का दावा करने के लिए किसी व्यक्ति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है. अदालत द्वारा आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कोई भी आदेश जारी नहीं किया जा सकता है।