सच्चाई बर्दाश्त नहीं कर पाई रवीश की सेना, जी न्यूज़ और सुधीर चौधरी के बारे में फैलाने लगी झूठ

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नई दिल्ली, 13 फ़रवरी: लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का तबका हासिल करने वाली भारतीय मीडिया में इन दिनों काफी ज्यादा कम्पटीशन चल रहा है। सभी पत्रकारों के गुट बने हैं। इन गुटों में एक गुट ऐसा भी है जो अपने पसंदीदा राजनितिक पार्टी के चुनाव जीतने के बाद स्टूडियों में ही डांस करने लगता है। एक गुट ऐसा है जो चुनावों का सही विश्लेषण करता है। लेकिन ये सच्चाई डांस करने वाले गुट के पत्रकारों को बर्दाश्त नहीं होती, जी हाँ?

दरअसल दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को जीत हासिल हुई, इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने ट्वीट कर कहा की, क्या? भारतीय राजनीति का मुफ्त कॉल है। वैसे सुधीर चौधरी के ट्वीट में कोई गड़बड़ी नहीं थी, क्योंकि केजरीवाल चुनाव से ठीक पहले बिजली, पानी, बस यात्रा फ्री कर दिए थे और चुनाव जीत गए।

सुधीर चौधरी के उस ट्वीट के बाद एक ख़ास वर्ग के पत्रकार उनको निशाना बनाने लगे और उनके खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने लगे। पुरानी तस्‍वीरों के साथ सुधीर चौधरी पर निशाना साधते हुए कुछ लोग यह झूठ फैला रहे हैं कि जी न्‍यूज के ऑफिस पर दिल्‍ली के नाराज लोगों ने तोड़फोड़ की।

फेसबुक पेज Ravish Ki Sena ने 10 फरवरी को एक पोस्‍ट अपलोड करते हुए दावा किया की दिल्ली के लोगों को मुफ्तखोर और गद्दार कहने पर भड़की दिल्ली की जनता… ज़ी न्यूज़ के ऑफिस पर लोगो का हमला बधाई हो। हालाँकि जब इस पोस्ट की पड़ताल फैक्ट चेकर वेबसाइट विश्वास न्यूज़ ने की तो पाया की यह फर्जी पोस्ट है।

विश्वास न्यूज़ के मुताबिक़, घायल अवस्था में सुधीर चौधरी की जिस तस्वीर को दिल्ली चुनाव से जोड़कर शेयर किया जा रहा है वो तस्वीर जुलाई की है। जब सुधीर चौधरी का एक्सीडेंट हुआ था। सुधीर चौधरी ने इसकी जानकारी खुद दी थी। बता दें की Ravish Ki सेना नामक पेज से एक भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ ज्यादा पोस्ट किये जाते हैं। इस पेज पर एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार की फोटो लगी हुई है। रवीश कुमार वही पत्रकार हैं जो किसी भी आरोपी का प्रधानमंत्री मोदी से कनेक्शन निकाल देते हैं।

उदाहरण के तौर पर, किसी आरोपी ने कोई जुर्म किया और उसको पीएम मोदी ट्विटर पर फॉलो करते हैं तो तुरंत रवीश कुमार अपने प्राइम टाइम में कहते हैं। ये आरोपी जरूर प्रधानमंत्री से प्रभावित है। पीएम इसको फॉलो भी करते हैं।