रामभक्त मोदी और हनुमान भक्त केजरीवाल की जोड़ी बनेगी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के लिए वरदान

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नई दिल्ली: हिंदुत्व के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल किसी वरदान से कम नहीं हैं क्योंकि नरेंद्र मोदी रामभक्त हैं तो अरविन्द केजरीवाल हनुमान भक्त हैं। हनुमान जी भगवान् राम के भक्त हैं इसलिए राम भक्त और हनुमान भक्त में ज्यादा अंतर नहीं है दोनों देवता हिन्दू धर्म के रोल मॉडल हैं।

नरेंद्र मोदी हिंदुत्व को काफी मानते हैं और हिंदुत्व की भलाई के लिए काफी काम कर रहे हैं, भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश चल रही है लेकिन नरेंद्र मोदी हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए हर तरह के काम कर रहे हैं, जैसे जम्मू कश्मीर से धारा 370 ख़त्म किया, वो अब राम मंदिर बनवा रहे हैं जो हिन्दुओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा काम है। इसी तरह से पापुलेशन कण्ट्रोल बिल आने वाला है, केंद्र सरकार नयी शिक्षा नीति भी बना रही है जिसमें सरकारी स्कूलों में स्लेबस में बदलाव होगा और शिक्षा में सुधार होगा, मोदी सरकार इसके लिए करीब 1 लाख करोड़ रूपया खर्च करने वाली है।

अरविन्द केजरीवाल भी हिन्दू और हिंदुत्व के लिए वरदान बन रहे हैं। वह हनुमान जी के भक्त बन गए हैं, उनकी वजह से हनुमान जी की कीर्ति पूरे विश्व में पहुंची है, वह हनुमान जी से आशीर्वाद लेकर चुनाव जीते हैं, उन्होंने हनुमान जी को ही अपनी जीत का क्रेडिट दिया है, अब हो सकता है डोनॉल्ट ट्रम्प भी चुनाव जीतने के लिए हनुमान मंदिर में पहुँच जांय या हो सकता है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी चुनाव जीतने के लिए हनुमान मंदिर पहुँच जाय क्योंकि इमरान खान ने पाकिस्तान में चुनाव जीतने से पहले अरविन्द केजरीवाल का ही फॉर्मूला अपनाया था।

इसके अलावा केजरीवाल हिन्दुओं के लिए एक और सबसे बड़ा काम कर रहे हैं। यह काम है शिक्षा में सुधार और सरकारी स्कूलों की पढ़ाई और हालत में सुधार का। सरकारी स्कूलों में सिर्फ हिन्दू, सिख और अन्य मिलते जुलते धर्म के लोग ही पढ़ते हैं जबकि मुस्लिम मदरसों में पढ़ते हैं। अरविन्द केजरीवाल सरकारी स्कूलों की हालत में सुधार करके सबसे बड़ा हिंदुत्व का काम कर रहे हैं, इससे हिन्दुओं का सबसे बड़ा भला हो रहा है, प्राइवेट स्कूल वाले हिन्दुओं को लूटते हैं लेकिन अरविन्द केजरीवाल सरकारी स्कूलों को अच्छा बनाकर हिन्दुओं को लुटने से बचा रहे हैं।

इसके अलावा अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के बच्चों और युवाओं को देशभक्त बनाने का वादा अपने घोषणापत्र में किया है, केजरीवाल स्कूलों में बच्चों को अच्छी अच्छी शिक्षा देंगे ताकि वे देशभक्त बन सकें, हो सकता है की केजरीवाल मदरसों में भी ऐसी शिक्षा दें। इससे युवा देशभक्त बनेंगे, युवाओं में कट्टरपंथ ख़त्म होगा और देश में नफरत का माहौल ख़त्म होगा। इससे भी हिंदुत्व का भला होगा क्योंकि कट्टरपंथी ताकतें हिन्दुओं को ख़त्म करके भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहती हैं।

नरेंद्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल में सिर्फ एक अंतर है। अधिकतर मुस्लिम नरेंद्र मोदी को कट्टर हिन्दू समझते हैं इसलिए उनसे नफरत करते हैं जबकि मुस्लिम लोग अरविन्द केजरीवाल को कट्टर हिन्दू नहीं समझते इसीलिए दिल्ली चुनाव में उन्होंने भाजपा को हराने के लिए आम आदमी पार्टी को वोट दिया।

जाने अनजाने मुस्लिमों ने हिंदुत्व को बढ़ावा देने वाले अरविन्द केजरीवाल को ही वोट दिया है, आप खुद समझिये, जो इंसान मतदान से पहले मंदिर जाकर हनुमान जी का दर्शन करे और उनकी पूजा करे, वह भी तो हिंदुत्व और हिन्दू धर्म को ही बढ़ावा दे रहा है, केजरीवाल ने अपनी जीत में भी हनुमान जी का योगदान बताया है जिसकी वजह से हिन्दू धर्म और हिन्दुओं के भगवान् हनुमान जी के चर्चे पूरे विश्व में हुए हैं, इससे भी हिंदुत्व को फायदा हुआ है और हिन्दू धर्म में लोगों की आस्था बढ़ी है।

अगर मोदी और केजरीवाल की जोड़ी लम्बे समय तक बनी रही तो हिंदुत्व को बहुत फायदा होगा, हिन्दुओं के बच्चे जिन सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं उनकी हालत में सुधार हो जाएगा। हिन्दुओं को लूटने वाले प्राइवेट स्कूलों की मनमानी ख़त्म होगी, केजरीवाल की देखा देखी अब भाजपा भी सरकारी स्कूलों की शिक्षा में सुधार करेगी जिसके बाद शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। राम जी और हनुमान जी से बस यही प्रार्थना है कि अपने भक्तों मोदी और केजरीवाल की जोड़ी सलामत रखें।