मैं अपनी शरीयत के साथ हूँ, मुझे तीन तलाक, हलाला से कोई दिक्क्त नहीं है: सुमैया राणा

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उर्दू शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने तीन तलाक और हलाला को सही ठहराते हुए कहा की मैं अपने शरीयत के साथ हूँ। इस्लाम में कोई दखल नहीं दे सकता है।

दरअसल सुमैया राणा इन दिनों नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में दिन-रात धरना प्रदर्शन कर रही हैं। CAA को मुसलमान विरोधी बता रही हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है इस कानून में। CAA का विरोध करने के चलते सुमैया राणा टीवी डिबेट की सुर्खियां भी बनी हुई हैं।

बुधवार को रिपब्लिक भारत न्यूज़ चैनल पर नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) को लेकर डिबेट चल रही थी। इस डिबेट में कई पैनलिस्ट मौजूद थे। जिसमें मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा भी मौजूद थी। चैनल के एंकर अर्नब गोस्वामी ने सुमैया से पूछा आप CAA का विरोध क्यों कर रही। सुमैया राणा इस सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। सुमैया खुद को सोशल एक्टिविस्ट बताते हुए डिबेट में हिस्सा ली थी।

डिबेट में मौजूद एक अन्य सोशल एक्टिविस्ट प्रीति पांडेय भी मौजूद थी, प्रीति पांडे ने कहा, सुमैया राणा वही महिला हैं जो खुद को भारतीय कहने से पहले कहती हैं, मैं पहले मुसलमान हूँ। इसके बाद प्रीति पांडे ने सुमैया राणा पर निशाना साधते हुए कहा की, सोशल एक्टिविस्ट का काम होता है, सामाजिक मुद्दों को उठाना।

प्रीति पांडे ने सुमैया राणा से पूछा जब आप सोशल एक्टिविस्ट हैं तो आपने ट्रिपल तलाक के लिए आवाज क्यों न उठाई। अपने समुदाय के महिलाओं के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई। CAA का विरोध कर सकती हो लेकिन ट्रिपल तलाक जैसी गंदगी के खिलाफ आवाज नहीं उठाती हो?

प्रीति पांडे के सवाल का जवाब देते हुए सुमैया राणा ने साफ़ कहा की, मैं ट्रिपल तलाक की लड़ाई नहीं लड़ सकती, क्योंकि मैं अपने शरीयत को मानती हूँ। इस्लाम के बीच में कोई दखल नहीं दे सकता। सुमैया ने कहा, मैं अपने शरीयत के साथ हूँ किसी नौटंकी ( संविधान ) के साथ नहीं हूँ।

गौरतलब है की शरीयत में ट्रिपल तलाक और हलाला को सामाजिक परम्परा माना जाता है, जो शरीयत के पक्ष में है, जाहिर है वो ट्रिपल तलाक और हलाला के पक्ष में भी है। इसमें कोई दो राय नहीं है।