अगर दिल्ली में बनती BJP सरकार तो विकास के लिए हजारों करोड़ खर्च करती मोदी सरकार, लेकिन अब..

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नई दिल्ली: दिल्ली में भाजपा की सरकार नहीं बनी वरना दिल्ली को वर्ल्ड क्लास शहर बनाने के लिए मोदी सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च करती, दिल्ली में अच्छे अच्छे पार्क बनाती, अच्छे अच्छे रोड बनाती, मेट्रो का विस्तार होगा, अच्छे स्कूल, अस्पताल और स्टेडियम बनाये जाते, अच्छा ट्रैफिक सिस्टम बनाया जाता। भाजपा सरकार की मदद मोदी सरकार भी करती और जितना भी पैसा खर्च होना होता मोदी सरकार खर्च कर देती लेकिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है इसलिए केंद्र सरकार अब दिल्ली में उतने काम नहीं करेगी जितना काम भाजपा सरकार बनने पर किया जाता।

दिल्ली में भाजपा की हार से सबसे अधिक फायदा यूपी और हरियाणा को होगा। अब केंद्र सरकार यूपी और हरियाणा के विकास पर फोकस करेगी और दोनों राज्यों को दिल्ली से आगे ले जाने का प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री मोदी आज ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 1000 हरोड़ रुपये के विकास का तोहफा देने वाले हैं। नरेंद्र मोदी वाराणसी को भारत का महानगर बनाना चाहते हैं।

इसके अलावा हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है इसलिए हरियाणा के विकास पर भी केंद्र सरकार का फोकस रहेगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद का विकास तेजी से किया जाएगा ताकि दोनों शहर दिल्ली से साफ़ सुथरे कर अच्छे दिखें। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के विकास पर भी भाजपा सरकार का फोकस रहेगा।

आज दिल्ली को मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है, अच्छे रोड, अच्छे वातावरण, अच्छे स्कूल अस्पताल और स्पोर्ट स्टेडियम, अच्छे पार्क की जरूरत है लेकिन ये सभी सुविधाएं देने के लिए पैसे की जरूरत होती है, लेकिन अरविन्द केजरीवाल ने वोटों के लिए सरकार के आय के श्रोत ही बंद कर दिए हैं। बिजली पानी, बस यात्रा और पेट्रोल डीजल ही सरकार की कमाई का मुख्य श्रोत हैं लेकिन केजरीवाल ने इन श्रोतों पर फेविकोल लगा दिया है। जिन पैसे से अच्छे पार्क बनने चाहिए वे पैसे केजरीवाल बिजली कंपनियों को सब्सिडी के रूप में दे रहे हैं, जिन पैसों से अच्छे रोड, स्कूल, अस्पताल, स्टेडियम और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होता है वे पैसे फ्री बस यात्रा, फ्री पानी और अन्य मुफ्तखोरी वाली योजनाओं में खर्च हो रहे हैं।