देश के खिलाफ बोलने वालों का मुँह तोड़ने की आजादी हमें भी है, कान खोलकर सुन लें देशविरोधी: मनोज ठाकुर

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आजकल एक चलन शुरू हो गया है, जो हिंदुस्तान के खिलाफ बोलेगा उसको तवज्जो दी जायेगी। उसको रातों-रात स्टार बना दिया जाएगा। मीडिया का एक वर्ग ऐसे लोगों को तुरंत अभिब्यक्ति की आजादी बताकर डिफेंड करने लगता है। जैसे कर्नाटक में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाली लड़की अमूल्या को एनडीटीवी के रवीश कुमार डिफेंड करने लगे। बता दें रवीश कुमार एनडीटीवी के पत्रकार हैं, भारत में लोग इनको सुनते हैं या नहीं? ये तो मैं नहीं बता सकता हूँ, लेकिन ये मैं जरूर कह सकता हूँ की रवीश कुमार पाकिस्तान में बहुत फेमस हैं।

फिलहाल देश के खिलाफ जहर उगलने वालों को सेना के जवान मनोज ठाकुर ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा की, की देश के खिलाफ बोलने वालों का मुंह तोड़ने का अधिकार हमें भी है।

मनोज ठाकुर ने ट्वीट में लिखा- भारत के संविधान में अगर यह लिखा है कि, भारत के खिलाफ जहर उगलना ही विचारों की अभ्व्यक्ति की आजादी है तो देश के खिलाफ बोलनें वालों का मुँह तोड़ने की आजादी हमें भी है और उन कुत्तो को मैं यह बताना चाहता हूं कि, हम पानी के बुलबुले नहीं कि दो मिनट में ही शांत हो जायेंगें। विधिवत तोड़ेंगे।

गौरतलब है की अमूल्या लियोना नाम की एक लड़की ने 2 तीन दिन पहले कर्नाटक के बंगलुरु में असदुद्दीन ओवैसी के मंच से बेख़ौफ़ होकर पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया था। मौके पर मौजूद पुलिस ने अमूल्या को हिरासत में ले लिया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने अमूल्या को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अमूल्या के न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद देशविरोधी तत्व बिलबिला उठे और अमूल्या को डिफेंड करने लगे। कुछ ने तो यहाँ तक कह दिया पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाना कोई गुनाह नहीं। लेकिन ये भूल गए की इसी पाकिस्तान ने 26/11, उरी, पुलवामा जैसे जघन्य काण्ड को अंजाम दिया था।