दिल्लीवालों ने वामपंथियों का मुंह किया काला, सबकी जमानत जब्त, नोटा से भी 15 गुना पीछे

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी: दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती चल रही है। 70 सीटों के रुझान में आम आदमी पार्टी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। बीजेपी को भी 2015 के मुकाबले अच्छा फायदा होता दिख रही है, लेकिन कांग्रेस का अब तक खाता नहीं खुला है। लेकिन इन सबके बीच दिल्लीवालों ने वामपंथियों का मुंह काला कर दिया है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, आम आदमी पार्टी 53.54% मतों के साथ नंबर एक पर चल रही है और पार्टी के खाते में 61 सीटें जाती हुई दिख रही हैं, भारतीय जनता पार्टी 38.78% वोट शेयर और 9 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर चल रही है।

इस बड़ी टक्कर के बीच लोगों ने कॉन्ग्रेस को तो थोड़ा-बहुत याद भी किया लेकिन वामपंथियों को पूरी तरह भुला दिया। कॉन्ग्रेस 4.29% वोट शेयर के साथ तीसरे नंबर पर ज़रूर चल रही, अब आते हैं लेफ्ट यानी वामपंथियों पर।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में वामपंथियों और नोटा के बीच कड़ी टक्कर चल रही है। ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, नोटा वामपंथियों से 15 गुना वोटों से आगे चल रहा है। जहाँ नोटा पर अब तक कुल 0.47% वोटरों ने भरोसा जताया है, सीपीआई और सीपीएम को मिला दें तो वो 0.03% वोटरों की पसंद बने हैं। इससे पता चलता है कि दिल्लीवालों ने पूरी तरह से वामपंथियों का मुंह काला करके सिर्फ जेएनयू तक समेट दिया है।

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