कपिल ने कसा तंज, कहा-अगर उस दिन कसाब भागकर गन समेत लाइब्रेरी में घुस जाता तो निर्दोष कहलाता

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नई दिल्ली, 17 फ़रवरी: हाल ही में संपन्न हूए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता कपिल मिश्रा भले चुनाव हार गए लेकिन उनका बेबाक अंदाज जारी है। जो अंदाज पहले था। कपिल के रुख में कोई बदलाव नहीं आया। जिसे देख विरोधी पार्टी के नेता भी हैरान हैं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के दंगाई छात्रों के समर्थकों पर तंज कसते हुए कपिल मिश्रा ने कहा की, अगर उस दिन आतंकवादी अजमल कसाब गन समेत लाइब्रेरी में घुस जाता तो वो भी निर्दोष कहलाता। कुछ तथाकथित उसका भी समर्थन करने लगते।

दरअसल नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में पिछले साल 15 दिसंबर को दिल्ली के जामिया में हिंसा, आगजनी हुई थी, उपद्रवियों ने कई बसों को आग के हवाले कर दिया था। उत्पात मचाने के बाद सभी उपद्रवी ( कथित छात्र ) जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लाइब्रेरी में जाकर दुबक कर बैठ गए। ताकि ये साबित हो सके की वो तो पढाई कर रहे हैं। हिंसा में उनका कोई हाथ नहीं है। दिल्ली पुलिस इन उपद्रवी छात्रों का पीछा करते हुए लाइब्रेरी जा पहुंची और जमकर कुटाई की।

इस घटना का सीसीटीवी वीडियो डेढ़ महीनें बाद साजिश के तहत वायरल किया गया, वो भी काट-छांटकर, ताकि दिल्ली पुलिस को दोषी साबित किया जा सके और उपद्रवी छात्रों को निर्दोष। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आते ही, कुछ मसीहा पत्रकार और विपक्षी नेता दिल्ली पुलिस को कोसने लगे। यहां तक की आतंकी बताने लगे।

कुछ देर बाद इस घटना का एक और सीसीटीवी वीडियो सामने आ गया। जिसमें साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा था की जामिया के छात्र हिंसा, आगजनी करके मुंह में रुमाल बांधकर लाइब्रेरी में घुस रहे हैं। जब पुलिस लाइब्रेरी में पहुंची तो कुछ छात्र बंद किताबें पढ़ने का नाटक करने लगे। अब आप खुद सोंचिये की कोई छात्र मुंह में रुमाल बांधकर और किताब बंद करके क्या पढाई करेगा। लेकिन फिर भी कुछ लोग इन उत्पाती छात्रों को निर्दोष साबित करने के लिये पूरी ताकत झोंक दिए हैं। इसीलिए कपिल मिश्रा ने कहा की, अगर कसाब भी लाइब्रेरी में घुस जाता तो वो भी निर्दोष कहलाता।

मालूम हो की आज से 12 साल पहले मुंबई में आतंकी हमले हुए थे, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई. इस हमले के आरोप में पाकिस्तान के आतंकी अजमल कसाब को फांसी दी गई. कसाब को गन के साथ जिंदा पकड़ने के बाद चार साल तक उसे जेल में रखा गया था. 21 नवंबर, 2012 को ऑपरेशन एक्स के तहत उसे फांसी पर लटका दिया गया।