देश के खिलाफ जहर उगलने वाले शाह फैसल पर लगा PSA, 2 साल तक रह सकते हैं हिरासत में?

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जम्मू कश्मीर, 15 फ़रवरी: जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद लगातार देश के खिलाफ जहर रहे पूर्व आईएएस और कश्मीरी नेता शाह फैसल पर जन सुरक्षा कानून यानी पीएसए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
शाह फैसला फिलहाल श्रीनगर में नजरबंद यानी हिरासत में हैं।

क्या है PSA 

पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) यानी सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत बिना मुकदमे के किसी भी व्यक्ति को दो साल तक की गिरफ्तारी या नज़रबंदी की अनुमति देता है।

1970 के दशक में यह कानून जम्मू-कश्मीर में लकड़ी की तस्करी को रोकने के लिए लागू किया गया था, क्योंकि उस समय ऐसे अपराध में शामिल लोग मामूली हिरासत के बाद आसानी से छूट जाते थे। पूर्व मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के खिलाफ इस अधिनियम को एक निवारक के रूप में लाए थे, जिसके तहत बिना किसी मुकदमे के दो साल तक जेल की सजा देने का प्रावधान किया गया था।

सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) 16 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को दो साल तक बिना मुकदमा चलाए रखने की अनुमति देता है। 2011 में, न्यूनतम आयु 16 से बढ़ाकर 18 कर दी गई थी। शाह फैसल से पहले जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए तहत मामला दर्ज है। फारूक अब्दुला हिरासत में हैं।

बता दें की जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद शाह फैसल लगातार देश के खिलाफ जहर उगल रहे थे। यहाँ तक की भारत के खिलाफ जंग का ऐलान भी कर दिया था।