हमले में जान गंवाने वाले सैनिक दलित होते हैं, सवर्ण तो सोशल मीडिया पर मौज करते हैं: उदित राज

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न्यू दिल्ली, 15 फ़रवरी: कल पुलवामा आतंकी हमलें की पहली बरसी थी, देशभर के लोगों ने नाम आँखों से शहीदों को श्रद्धांजलि दी, इसी बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने शहीदों को जातियों में बाँट दिया।

कॉंग्रेस और स्वघोषित दलित नेता उदित राज ने देश के नाम शहीद हुए वतन के वीर जांबाजों को जातियों में समेट दिया, उदित राज ने ऐसा करके देश की एकता और अखंडता पर घात लगाया है, क्योंकि देश के नाम शहीद होने वाले वीर जांबाज किसी जाति के नहीं होते बल्कि वो देश के रक्षक होते हैं और देश को रक्षा करते हुए अपने प्राण देश के लिए न्योछावर कर देते हैं।

उदित राज ने एक न्यूज़ स्टोरी शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाले लोग अक्सर उच्च जाति के होते हैं और जिन सैनिकों ने मुख्य रूप से हमले में अपनी जान गंवाई वे SC/ST/OBC समुदायों से आते हैं, हाशिए पर खड़े समुदायों को सत्ताधारी सवर्णों की देशभक्ति की कीमत चुकानी पड़ती है।

मालूम हो की 14 फ़रवरी को पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादी ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को सीआरपीएफ़ की एक बस से टकरा दिया था। यह विस्फोट इतना ज़ोरदार था कि सीआरपीएफ़ बस के टुकड़े-टुकड़े हो गए थे। यह बस सीआरपीएफ़ की 54वीं बटालियन की थी। पुलवामा के रहने वाले आतंकवादी आदिल अहमद डार ने इस घटना को अंजाम दिया था। सीआरपीएफ़ जवानों के काफ़िले में 70 बसें थीं। जवानों का यह काफ़िला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। काफ़िले में लगभग 2500 जवान थे। जिसमें से 40 जवान शहीद हो गए थे।