पिछली बार केजरीवाल को वोट देने वाले 9886 लोगों ने इस बार उन्हें नहीं दिया वोट, पढ़ें क्यों

LIKE फेसबुक पेज
arvind-kejriwal-vote-decreased-in-new-delhi-vidhansabha

नई दिल्ली: दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी की भले ही जीत हुई है लेकिन नतीजे से पहले आप नेताओं की नींद उडी हुई थी, मनीष सिसोदिया चुनाव हारते हारते बचे तो अरविन्द केजरीवाल की जीत का अंतर भी कम हो गया।

नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविन्द केजरीवाल वर्ष 2015 में 31583 वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे लेकिन 2020 चुनाव में केजरीवाल सिर्फ 21697 वोटों से चुनाव जीत पाए। उनकी जीत का अंतर 9886 कम हो गया, मतलब 9886 लोगों ने पिछली बार अरविन्द केजरीवाल के सामने का बटन दबाया था, इस चुनाव में इन लोगों को शायद अरविन्द केजरीवाल और उनकी सरकार का काम पसंद नहीं आया इसलिए उन्होंने इस बार भाजपा को वोट दिया।

एक बात और हैरान करने वाली है, सुनील यादव जिन्हें कोई नहीं जानता था, जो नए उम्मीदवार थे, उन्हें भी इस चुनाव में 25061 वोट मिले, अगर सुनील यादव की जगह किसी बड़े नेता को नई दिल्ली का टिकट दिया गया होता तो वह अरविन्द केजरीवाल को हरा भी सकता था। अगर सुनील यादव को ही दो चार महीनें समय मिला होता तो वह भी केजरीवाल के पसीने निकाल देते। इस चुनाव में केजरीवाल को 46758 वोट मिले।