मुफ्तखोरी वाले केजरीवाल की वजह से रुकेगा दिल्ली का विकास, जल्द ही अन्य शहरों से पिछड़ेगी दिल्ली

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नई दिल्ली: मुफ्तखोरी के वादे करके अरविन्द केजरीवाल ने चुनाव तो जीत लिया लेकिन अब ये वादे पूरे करने में उनके पसीनें निकलेंगे क्योंकि इससे दिल्ली के खजाने पर काफी बोझ पड़ेगा, अब दिल्ली में या तो मुफ्तखोरी चलेगी या विकास होगा, विकास के लिए दिल्ली सरकार को पैसे चाहिए होंगे लेकिन फ्री बिजली पानी और बस यात्रा की वजह से खजाने में ज्यादा पैसे आ ही नहीं पाएंगे। विकास न होने से जल्द ही दिल्ली की गिनती दुनिया के पिछड़े शहरों में होने लगेगी।

इस वक्त अरविन्द केजरीवाल पर पूरी दुनिया की नजर है क्योंकि जो वादे अरविन्द केजरीवाल ने जनता से किये हैं वैसे वादे दुनिया का कोई नेता नहीं करता क्योंकि जब सरकार के आय के श्रोत ही बंद हो जाएंगे तो राज्य का विकास कैसे होगा।

आज दिल्ली को मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है, अच्छे रोड, अच्छे वातावरण, अच्छे स्कूल अस्पताल और स्पोर्ट स्टेडियम, अच्छे पार्क की जरूरत है लेकिन ये सभी सुविधाएं देने के लिए पैसे की जरूरत होती है, लेकिन अरविन्द केजरीवाल ने वोटों के लिए सरकार के आय के श्रोत ही बंद कर दिए हैं। बिजली पानी, बस यात्रा और पेट्रोल डीजल ही सरकार की कमाई का मुख्य श्रोत हैं लेकिन केजरीवाल ने इन श्रोतों पर फेविकोल लगा दिया है। जिन पैसे से अच्छे पार्क बनने चाहिए वे पैसे केजरीवाल बिजली कंपनियों को सब्सिडी के रूप में दे रहे हैं, जिन पैसों से अच्छे रोड, स्कूल, अस्पताल, स्टेडियम और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होता है वे पैसे फ्री बस यात्रा, फ्री पानी और अन्य मुफ्तखोरी वाली योजनाओं में खर्च हो रहे हैं।

विश्व का हर नेता यही सोच रहा है की केजरीवाल ये सब वादे कैसे पूरे कर पाएंगे। आखिर केजरीवाल राज्य सरकार की कमाई कैसे करवाएंगे। क्या खाने पाने की चीजों पर टैक्स बढ़ाएंगे, अगर उन्होंने ऐसा किया तो दिल्ली में बेतहाशा मंहगाई बढ़ेगी और जनता का बहुत नुकसान होगा।

केजरीवाल ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को भी वर्ल्ड क्लास बनाने का वादा किया है जिसके लिए अच्छा खासा बजट लगेगा। इसके अलावा मोहल्ला क्लिनिक योजना से सरकारी अस्पतालों की हालत खराब हो रही है क्योंकि जो पैसा सरकारी अस्पतालों के विकास में लगना चाहिए वो पैसे मोहल्ला क्लिनिक में लग रहा है। यह योजना भी वोट के लिए शुरू की गयी है।

अरविन्द केजरीवाल ने तीन महीनों से जनता को बिजली बिल देना ही बंद करवा दिया था जिसकी वजह से जनता ने सोचा की अब उन्हें बिजली बिल नहीं देना पड़ेगा लेकिन जल्द ही उनके कई महीनों के बिल आएँगे तो उन्हें जोर का झटका लगेगा।

इन सभी वादों को भुलाने के लिए अरविन्द केजरीवाल ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है, खुद को दिल्ली का बेटा बताना शुरू कर दिया है लेकिन बेटा जब तक मुफ्त खिलाएगा तभी तक जनता उन्हें बेटा मानेगी, जब बेटा मुफ्त खिलाना बंद कर देगा तो जनता बेटे को लात मार देगी।