टुकड़े-टुकड़े गैंग अपना नाम RTI में ऐसे खोज रहा है जैसे अमेरिका आतंकी ओसामा खोज रहा था: पत्रकार अमिश देवगन

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नई दिल्ली, 22 जनवरी: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक आरटीआई के जवाब में बताया कि हमें टुकड़े-टुकड़े गैंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने दिसंबर में मंत्रालय को आवेदन दिया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्री अपनी रैलियों में खुलकर टुकड़े-टुकड़े गैंग का जिक्र करते हैं, लेकिन सरकार के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करूंगा। टुकड़े-टुकड़े गैंग की जानकारी न मिलने के बाद पत्रकार अमिश देवगन ने आरटीआई एक्टिविस्ट पर तंज कसा है, पत्रकार ने कहा, टुकड़े-टुकड़े गैंग अपना नाम RTI में ऐसे खोज रहा है जैसे अमेरिका आतंकी ओसामा खोज रहा था।

बता दें की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में विरोध प्रदर्शन के दौरान 2016 में देश विरोधी नारेबाजी के वीडियो सामने आए थे। इसमें शामिल लोगों के लिए पहली बार टुकड़े-टुकड़े गैंग शब्द का इस्तेमाल हुआ था। तब पुलिस ने तत्कालीन जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। वैसे टुकड़े-टुकड़े गैंग का नाम जी न्यूज़ के सम्पादक सुधीर चौधरी ने दिया था और उन्होंने कहा की, जिसे टुकड़े-टुकड़े गैंग की जानकारी चाहिए वो मेरे पास आये।