CAA के समर्थन में उतरीं बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन, मुस्लिमों को लेकर कही ये बात

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नई दिल्ली, 18 जनवरी: भारत में नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) पर मचे घमासान के बीच बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) का समर्थन किया है

तस्लीमा नसरीन ने सीएए को बहुत अच्छा और ‘उदार’ करार देते हुए कहा कि कानून में पड़ोसी देशों के स्वतंत्र मुस्लिम विचारकों, नारीवादियों और धर्मनिरपेक्ष लोगों के लिए छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, यह सुनने में अच्छा लगता है कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगनिस्तान में धार्मिक कारण से उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिलेगी। यह बहुत अच्छा विचार है और बहुत ही उदार है।

निर्वासित जीवन बिता रही लेखिका ने इस पर कहा, लेकिन मैं मानती हूं कि मुस्लिम समुदाय में मुझ जैसे लोग, स्वतंत्र विचारक और नास्तिक हैं जिनका उत्पीड़न पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में किया जाता है और उन्हें भारत में रहने का अधिकार मिलना चाहिए।’ नसरीन ने यह बात केरल साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन ‘निर्वासन : लेखक की यात्रा’ सत्र में कही है। मालूम हो की भारत में एक तरफ CAA का विरोध हो रहा है तो वहीँ दूसरी ओर लोग इस कानून का जमकर समर्थन भी कर रहे हैं।