MP के सागर में मुस्लिमों ने किया दलितों पर अत्याचार, आपसी विवाद में दलित युवक को जिन्दा जलाया

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मध्यप्रदेश, 18 जनवरी: दलितों के कुछ तथाकथित ठेकेदारों ने कम जागरूप दलितों को पहले मूर्ख बनाया, फिर हिन्दुओं के खिलाफ भड़काया, उसके बाद नारा दिया दलित-मुस्लिम एकता जिंदाबाद। लेकिन ये दलित-मुस्लिम एकता जिंदाबाद का नारा ज्यादा दिन तक नहीं चल सका, ध्वस्त हो गया। इसका सबसे जीता-जागता मध्य प्रदेश के सागर से आया है, जी हाँ?

मिली जानकारी के मुताबिक़, मध्यप्रदेश के सागर जिले में आपसी विवाद के चलते एक दलित युवक को जिंदा जला दिया गया, आरोपी मुस्लिम समुदाय के हैं, जिसे स्वघोषित बुद्धिजीवी विशेष समुदाय कहते हैं, फ़िलहाल जिन्दा जलाये गए दलित युवक की हालत गंभीर है। 50 फीसदी से ज्यादा शरीर जल गया है।

दलित युवक को जिन्दा जलाने के मामलें में स्थानीय पुलिस ने 3 मुस्लिम आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, पुलिस के अनुसार, मोती नगर थाना क्षेत्र में बालाजी मंदिर के पास स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अयोध्या बस्ती के आवास में रहने वाले धनी अहिरवार (24) पर कुछ लोगों ने मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी। धनीराम को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पीड़ित दलित परिवार के लोगों ने न्याय की गुहार लगाई है, कहा है की, हमें मुसलमानों के अत्याचार से बचाया जाय, पीड़ित दलित परिवार का कहना है की हम दो घर हैं और वो ( मुस्लिम ) 200 घर हैं, हमारे ऊपर अत्याचार करते रहे हैं।

मध्यप्रदेश में दलितों के साथ इतनी बड़ी घटना हो जाने के बावजूद दलित नेता खामोश हैं, जैसे इनके मुंह में अलीगढ के बड़े-बड़े ताले जड़ दिए गए हों, खुद को दलितों का हितैषी बताने वाला चंद्रशेखर रावण, उदित राज, जिग्नेश मेवानी सब खामोश हैं। इन तथाकथित दलित नेताओं की खामोशी का दो कारण है। पहला कारण यह की आरोपी मुस्लिम हैं और दूसरा कारण यह की मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार है।