CAA को पाठ्यक्रम में शामिल करेगा लखनऊ विश्वविद्यालय! विरोध में उतरीं मायावती

LIKE फेसबुक पेज

लखनऊ, 24 जनवरी; नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) पर देश के कई हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय ने CAA को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया। जिसका मायावती ने विरोध किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ यूनिवर्सिटी में अब नागरिकता संशोधन कानून को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी चल रही है. यही नहीं राजनीति शास्त्र विभाग की तरफ से डिबेट कराने की तैयारी की जा रही है, जिसमें कई कॉलेजों के छात्रों को शामिल किया जाएगा. यह डिबेट नागरिकता संशोधन कानून के विषय पर होगी।

फरवरी के दूसरे सप्ताह में लखनऊ यूनिवर्सिटी में ये कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. वहीं विभाग की तरफ से बाकायदा इसे विश्वविद्यालय में पढ़ाए जाने को लेकर प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र की हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HoD) शशि शुक्ला ने बताया कि वो जल्द ही इस पाठ्यक्रम को अमल में लाएंगे. उन्होंने कहा कि सीएए इस समय देश में सबसे बड़ा सम-सामयिक विषय है इसलिए लोगों को जागरूक करना है।

लखनऊ विश्वविद्यालय CAA पाठ्यक्रम का बसपा सुप्रीमों मायावती ने विरोध किया है। मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा है, “सीएए पर बहस आदि तो ठीक है लेकिन कोर्ट में इसपर सुनवाई जारी रहने के बावजूद लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा इस अतिविवादित व विभाजनकारी नागरिकता कानून को पाठ्यक्रम में शामिल करना पूरी तरह से गलत व अनुचित. बीएसपी इसका सख्त विरोध करती है तथा यूपी में सत्ता में आने पर इसे अवश्य वापस ले लेगी।