JNU के वामपंथी करते थे पुलिस की इंट्री का विरोध, जब अंदर पीटे गए तो बोले- पुलिसवालों बचाओ

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नई दिल्ली, 6 जनवरी: दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार शाम को एक बार फिर हिंसा का मामला सामने आया, कुछ नकाबपोश छात्रों ने हॉकी और डंडे से छात्र-छत्राओं को पीटा, और पत्थरबाजी की, इस हमले में लेफ्ट गैंग की आइशी घोष के सिर में गंभीर चोट आई है, वहीँ एबीवीपी के भी कई छात्र गंभीर रूप से घायल हैं, हमले में 20 से अधिक छात्रों के घायल होने की खबर है।

जेएनयू में सबसे पहले लेफ्ट के वामपंथी छात्रों ने ही हिंसक प्रदर्शन शुरू किया, वैसे वामपंथी छात्र तो महीनों से हिंसक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन रविवार को कुछ ज्यादा ही बवाल हो गया, वामपंथी छात्र दिल्ली पुलिस का भी जमकर विरोध कर रहे थे, इसके बाद JNU के दूसरे छात्र संगठनों ने वामपंथी छात्रों की जमकर पिटाई की, उसके बाद वामपंथी छात्रों को दिल्ली पुलिस याद आई, दिल्ली पुलिस से गुहार लगा रहे थे की बचाओ, बचाओ। लेकिन बचाने वाला कोई नहीं आया।

क्योंकि जब दिल्ली पुलिस जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में घुस गयी थी तो यही जेएनयू के वामपंथी कह रहे थे पुलिस कैम्पस में क्यों घुसी और जब दिल्ली पुलिस जेएनयू में नहीं घुसी तो कहा जा रहा है पुलिस कैम्पस में क्यों नहीं आई। छात्रों को बचाने।