बड़े ड्रामेबाज हैं JNU लेफ्ट-गैंग के लोग, रंग पोतकर खुद को घायल दिखाकर कर रहे मोदी-शाह को बदनाम

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नई दिल्ली: लेफ्ट गैंग और टुकड़े टुकड़े गैंग के छात्र बहुत बड़े ड्रामेबाज हैं। JNU हिंसा मोदी सरकार को बदनाम करने का सिर्फ ड्रामा है, ये लोग खुद को पीड़ित दिखाने के लिए रिसर्च करते हैं, योजनाएं बनाते हैं, उसी योजना पर काम करते हैं। JNU हिंसा भी लेफ्ट का एक ड्रामा है ताकि दुनिया में मोदी सरकार को बदनाम किया जा सके और मोदी सरकार को छात्र विरोधी साबित किया जा सके, इस योजना को सफल बनाने के लिए पूरे देश का टुकड़े टुकड़े गैंग इकठ्ठा हो गया है और उनका साथ बॉलीवुड के कुछ लोग भी दे रहे हैं।

दरअसल मोदी और शाह की जोड़ी देश के गद्दारों को हजम नहीं हो रही है क्योंकि अब गद्दारों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए JNU के अफजल प्रेमी गैंग ने एक साजिश रची, अपने ही गैंग के लोगों को नकाबपोश के भेष में JNU यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसाया गया और जान बूझकर JNUSU प्रेजिडेंट आइशी घोष पर हमला करवाया गया क्योंकि वह एक महिला हैं और मीडिया उन्हें हाथों हाथ लेगी। किसी ने भी आइशी घोष को मारा पीटा नहीं, उन्हें घायल दिखाने के लिए उनके सर पर लाल रंग डाल दिया गया ताकि वह खून से लथपथ दिख सकें, उसके बाद उनकी वीडियो बनाई गयी और रोते हुए दिखाया गया ताकि पूरे देश को लगे की इनपर बहुत बड़ा हमला हो गया है, उन्होंने जान बूझकर उस अवस्था में भाजपा, आरएसएस और ABVP का नाम लिया।

आप खुद देख सकते हैं, घटना के दिन आइशी घोष खून से लथपथ दिख रही थीं, ऐसा लग रहा था की ये मर जाएंगी लेकिन अब ऐसा लग रहा है की उन्हें कुछ हुआ ही नहीं है, वह नार्मल होकर मीडिया चैनलों को इंटरव्यू दे रही हैं और सुर्खियां बटोर रही हैं, अब वह एक स्टार भी बन जाएंगी और टीवी चैनल उनके बयान को महत्व देने लगेंगे, इतना बड़ा फायदा करोड़ों रुपये खर्च करने पर भी नहीं मिलता, मीडिया में सुर्खियां पाने के लिए कुछ लोग करोड़ों रुपये खर्च करते हैं लेकिन आइशी घोष को फ्री में यह सब मिल रहा है।

इसी प्रकार से वामपंथी छात्र संगठन SFI का छात्रनेता सूरी सहानुभूति जताने के लिए दिल्ली में अपाहिज बन गया था, सर में फर्जी पट्टी बाँध ली थी, हाथ में प्लास्टर बाँध लिया था। यहाँ तक की व्हीलचेयर पर बैठकर अपने पसंदीदा हॉस्पिटल में गया और वहीँ अपाहिज बनने का नाटक किया। लेकिन इस वामपंथी गुंडे की पोल खुल गयी।

दरअसल यह वामपंथी गुंडा दिल्ली में पहले अपाहिज बनकर फोटो खिंचवाया उसके 24 घंटे बाद केरल के त्रिवेंद्रम पहुंचा वहां ठीक हो गया और अपाहिज से उठ खड़ा हुआ, पट्टी उतार कर फेंक दिया, फूल-मालाओं से स्वागत करवाया। इस तरह से इस वामपंथी गुंडे की पोल खुल गयी।

मालूम हो की रविवार शाम को जेएनयू में नकाबपोश छात्रों ने खूनी हिंसा को अंजाम दिया, कुछ वीडियो सामने के बाद साफ़ हो गया की इस खूनी हिंसा में वामपंथी छात्र सगठनों का हाथ था। जेएनयू प्रसाशन ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित 19 वामपंथी छात्रों के खिलाफ खुद एफआईआर दर्ज कराइ है।