कश्मीरी पंडित कश्मीर वापस आयेंगें, डल लेक पर फिर से वेद के मंत्र पढ़े जाएंगे: गिरिराज सिंह

जम्मू कश्मीर, 19 जनवरी: कश्मीर में रहने वाले कश्मीरी पंडितों के लिए 19 जनवरी प्रलय का दिन माना जाता है, आज ही के दिन मस्जिदों से ऐलान हुआ था की या तो कश्मीरी पंडित तुरंत कश्मीर छोड़कर भाग जाएँ या इस्लाम कबूल कर लें, इसके बाद मुस्लिम लोग लगातार कश्मीरी पंडितों की हत्यायें औऱ रेप करने लगे। कहते थे कि पंडितो, यहां से भाग जाओ, पर अपनी औरतों को यहीं छोड़ जाओ। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 60 हजार परिवार कश्मीर छोड़कर भाग गये। उन्हें आस-पास के राज्यों में जगह मिली।

आज 19 जनवरी 2020 को कश्मीरी पंडितों पर हुए नरसंहार को तीस साल पूरे हो गए हैं। आज के दिन को कश्मीरी पंडित ‘होलोकॉस्ट/एक्सोडस डे’ (प्रलय/बड़ी संख्या में पलायन की तारीख) के तौर पर मनाते हैं।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा की, आज के ही दिन हिन्दुस्तान की गर्दन पर वार कर कश्मीर की आत्मा कश्मीरी पंडित को बेघर कर कश्मीर में गजवा ए हिन्द का प्रयास किया। तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों ने मदद के हाथ न बढ़ाए,एक रात में अपने ही देश मे वो रिफ्यूजी हो गए। वो वापस आएंगे,डल लेक पर फिर से वेद के मंत्र पढ़े जाएंगे।

19 जनवरी को जो भी कश्मीरी पंडित याद करता है, उसे वह यादें सिहरा कर रख देती हैं। उनके मुंह से सिर्फ यही शब्द निकलते हैं कि ऐसा दिन किसी की भी जिंदगी में कभी भी न आए।