शांतिदूतों द्वारा जलाये गए धनीराम की मौत, दलितों के मसीहा और कांग्रेस की चुप्पी पर उठे सवाल

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मध्यप्रदेश, 24 जनवरी: देश में आये दिन दलितों पर अत्याचार होते हैं लेकिन बड़े टीवी चैनलों वाले खबरें दिखाने में भेदभाव करते हैं। हाल में मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक दलित युवक धनीराम अहिरवार को जिन्दा जलाने का प्रयास किया गया। 24 साल के धनीराम पर छुट्टू, अज्जू पठान, कल्लू और इरफान ने केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी थी जिसके बाद धनीराम का इलाज सफदरगंज हॉस्पिटल में चल रहा था लेकिन शुक्रवार को धनीराम ने दम तोड़ दिया।

धनीराम को जलाने वाले शांतिदूत हैं इसलिए न दलितों के मसीहा, बने नेताओं ने आवाज उठाई और न ही कांग्रेस, न वामपंथियों ने। खुद को दलितों का मसीहा कहने वाले भीम आर्मी के रावण जामा मस्जिद तो पहुँच गए लेकिन सागर नहीं पहुंचे। अब ऐसे लोगों पर सवाल उठाये जा रहे हैं।

बता दें 14 जनवरी की रात शांतिदूतों ने धनीराम के परिजनों से मारपीट करते हुए उन्हें घेर लिया और उसे आग लगा दी। उसके बाद धनीराम के परिजनों ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाईं। वीडियो भी वाइरल हुआ लेकिन किसी ने धनीराम की मदद नहीं की। धनीराम का कसूर सिर्फ इतना था की उसने मुसलमानों के आतंक के खिलाफ आवाज उठाई थी।