कोटा के जिस अस्पताल में हुई 105 बच्चों की मौत, वहाँ घूम रहे थे सुअर, टूटे थे अस्पताल के दरवाजे

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कोटा, 4 जनवरी: राजस्थान के कोटा में स्थित जेके लोन हॉस्पिटल में महज एक महीने के अंदर 105 मासूम बच्चों की मौत हो गयी, जिसके बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सवालों के घेरे में हैं।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पिछले दिनों हॉस्पिटल की जांच के दौरान पाया कि किसी भी खिड़की के शीशे नहीं थे। दरवाजे टूटे हुए थे। ऐसे में प्रतिकूल मौसम से भी बच्चे पीड़ित थे। इतना ही नहीं, आयोग ने सुअर के बच्चों को अस्पताल परिसर में घूमते पाया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए राजस्थान के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने के लिए लिखा गया है कि जिले के मुख्यचिकित्साधिकारी 7 जनवरी को सभी दस्तावेजों के उपलब्ध हों।

बता दें कि 29 दिसंबर को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने टीम के साथ अस्पताल का दौरा किया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में समान्य रखरखाव की चीजें भी उपलब्ध नहीं हैं। सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब है। आयोग ने पाया कि अस्पताल उपकरणों का कोई रेकॉर्ड नहीं बनाया गया था।

बता दें की 105 मासूम बच्चों की मौत के बाद गहलोत सरकार अस्पताल को दुरुस्त करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।