वायरल खबर, 3 दिन का CM बनकर देवेंद्र फडणवीस ने 40 हजार करोड़ रुपये लुटने से बचा लिए

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नई दिल्ली: देश के लोग अभी भी नहीं समझ पा रहे हैं कि बहुमत ना होने के बाद भी देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के समर्थन से रातों रात मुख्यमंत्री पद की शपथ क्यों ली और तीन दिन बाद दोनों नेताओं ने अपने पद से इस्तीफ़ा क्यों दे दिया।

देवेंद्र फडणवीस ने इस ड्रामे की वजह नहीं बतायी है लेकिन पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और व्हाट्सप्प पर एक खबर वायरल हो रही है जिसमें देवेंद्र फडणवीस के इस ड्रामे के वजह बतायी जा रही है लेकिन अभी इसकी असलियत सामने नहीं आयी है।

एक न्यूज़ पोर्टल पर भी एक खबर दी गयी है जिसमें दावा किया गया है कि भाजपा सांसद अनंत हेगड़े ने कर्णाटक की एक सभा में ड्रामे का सच बताया है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनने का ड्रामा कांग्रेस शिवसेना और एनसीपी के हाथों 40 हजार करोड़ रुपये लुटने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री बनने का ड्रामा किया था और तीन दिनों में 40 हजार करोड़ रुपये लुटने से बचा लिए।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को 40 हजार करोड़ रुपये विकास के लिए दिए थे, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पैसा भी महाराष्ट्र सरकार के पास था, कांग्रेस शिवसेना और एनसीपी की खिचड़ी सरकार इस प्रोजेक्ट को रोककर पैसे का दुरूपयोग कर सकती थी। इसीलिए देवेंद्र फडणवीस ने एक प्लानिंग के तहत रातों रात मुख्यमंत्री बनने की शपथ ली और उन्होंने केंद्र सरकार के 40 हजार करोड़ रुपये वापस कर दिए, अब यह पैसा केंद्र सरकार के पास शकुशल पहुँच गया है। काम होने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने इस्तीफ़ा दे दिया।

यह भी कहा जा रहा है कि अजीत पवार और शरद पवार को भी 40 हजार करोड़ रुपये के बारे में नहीं पता था, शरद पवार के आदेश पर ही अजित पवार भाजपा के पास आये थे, शरद पवार चाहते थे कि उनपर और अजित पवार पर लगे सभी मुक़दमे पहले ही ख़त्म कर दिए जाएं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इसके लिए तैयार नहीं हुए, इसीलिए शरद पवार ने अजित पवार को अपने पास वापस बुला लिया, यही वजह है कि अजित पवार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी।