क्या कांग्रेस भी भारत को बनाना चाहती है इस्लामिक राष्ट्र, आखिर क्यों कर रही CAB का विरोध, पढ़ें

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नई दिल्ली: वर्तमान में पेश किया गया नागरिकता संसोधन विधेयक और 1947 में कांग्रेस द्वारा पेश किये गए नागरिकता संसोधन विधेयक में कोई अंतर नहीं है लेकिन कांग्रेस इसे एंटी मुस्लिम बिल बताकर अपना मुस्लिम वोटबैंक बढ़ा रही है, वैसे कांग्रेस को मुस्लिम तुस्टीकरण का फायदा भी मिलता है, अमेठी में हिन्दू आबादी अधिक थी तो वहां से राहुल गाँधी हार गए लेकिन केरल के वायनाड में मुस्लिम आबादी अधिक है इसलिए वहां पर उनकी बड़े अंतर से जीत हुई। कांग्रेस इस बार को भली भाँती समझ रही है, कांग्रेस चाहती है की देश में मुस्लिम आबादी बढे और हिन्दू आबादी घटे ताकि वायनाड की तरह हर सीट पर उनकी जीत हो और देश में उनका फिर से राज हो। इसीलिए कांग्रेस इस बिल का विरोध कर रही है।

1947 में कांग्रेस ने भारत का बंटवारा किया। कांग्रेस ने हिन्दुओं के लिए हिंदुस्तान बनाया जबकि मुस्लिमों के लिए पाकिस्तान बनाया। समझौते के मुताबिक़ हिन्दुओं को हिंदुस्तान में रहना था जबकि मुस्लिमों को पाकिस्तान में रहना था, जो हिन्दू पाकिस्तान में रह गए थे उन्हें अपना घर बार छोड़कर हिंदुस्तान आना था और जो मुस्लिम हिंदुस्तान में रह रहे थे उन्हें अपना घर बार छोड़कर पाकिस्तान जाना था।

मान लो कोई हिन्दू अभी तक पाकिस्तान में ही रह रहा है तो भी बंटवारे के अनुसार उसे कभी ना कभी हिंदुस्तान आना था, भाजपा ने इस बिल में यही प्रावधान रखा है जिसका कांग्रेस विरोध कर रही है, भाजपा का कहना है कि हिन्दू सहित अन्य गैर मुस्लिम अल्पसंख्या जिनका पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर अपमान हो रहा है, हम उन्हें शरण देंगे और भारत की नागरिकता देंगे लेकिन मुस्लिम घुसपैठियों को भारत की नागरिकता नहीं देंगे क्योंकि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान इस्लामिक देश हैं और वहां पर मुस्लिमों के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं हो सकता। कांग्रेस इसे हिन्दू राष्ट्र बिल बता रही है जबकि कांग्रेस इसे एंटी मुस्लिम बिल बता रही है।

आज गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और अन्य विपक्षियों को उनके आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा की इस बिल में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे इस्लामिक राष्ट्रों से सताकर भगाये गए गैर मुस्लिमों को शरण और नागरिकता देने का प्रावधान हैं।

अमित शाह ने कहा की पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान इस्लामिक राष्ट्र है और वहां पर धर्म के आधार पर मुस्लिमों से भेदभाव नहीं होता इसलिए हम मुस्लिम घुसपैठियों को भारत की नागरिकता नहीं देंगे, उन्होंने विपक्षियों से कहा कि – आप क्या चाहते हैं, क्या हम दुनिया भर से आये मुस्लिम घुसपैठियों को भारत कि नागरिकता दे दें, इस तरह से तो देश बर्बाद हो जाएगा, हम देश को बर्बाद नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा की इस बिल में हिन्दू, पारसी, जैन, ईसाई, सिख जैसे अल्पसंख्यकों को भारत कि नागरिकता देने का प्रावधान है लेकिन भारत में रह रहे मुस्लिमों को इस बिल से डरने कि जरूरत नहीं है, सिर्फ घुसपैठियों को भारत क़ी नागरिकता नहीं मिलेगी।