बंगाल में जय श्री राम बोलने पर गिरफ़्तारी, शांतिदूतों ने पूरी ट्रेन फूंक दी इसपर चुप्पी

LIKE फेसबुक पेज

पश्चिम बंगाल, 16 दिसंबर: नागरिकता संसोधन कानून के खलाफ पूर्वोत्तर से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन त्रिपुरा, होते हुए पश्चिम बंगाल जा पहुंचा, पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया की जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते है, जी हाँ, हैरानी की बात यह है की इतना हिंसक विरोध प्रदर्शन होने के बावजूद किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई, जबकि इसी पश्चिम बंगाल में, इसी ममता बनर्जी की सरकार में जय श्री राम बोलने पर गिरफ़्तारी हो जाती है.

बता दें की पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नवाज पढ़ने के बाद लगभग 10 हजार मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया, उत्पातियों ने मुर्शिदाबाद के पास रेलवे स्टेशनों में तोड़फोड़ और आगजनी की। रेल पटरी पर टायर जलाकर ट्रेनों को रोका और पथराव किया। पूरी की पूरी ट्रेन फूंक दी, मौक़े पर पहुँची पुलिस के वाहन को भी फूँक दिया। एहतियातन कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। साथ ही 6 ज़िलों में इंटरनेट सेवाएँ भी बंद कर दी गई हैं।

पश्चिम बंगाल में इतनी बड़ी-बड़ी घटनाएं घटने के बावजूद सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुन्न मारे बैठी हैं और कोई भी दंगाई अभी गिरफ्तार नहीं हुआ, सीएम ममता बनर्जी का इस तरह खामोश होना दंगाइयों को और ताकत देता है।

रविवार को बंगाल में मुर्शिदाबाद, बीरभूम और उत्तर 24 परगना में भी हिंसक प्रदर्शन हुए। इन विरोध-प्रदर्शनों के चलते यातायात प्रभावित रहा और लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। दक्षिण 24 परगना जिले में अकरा स्टेशनों के बीच प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों को ब्लॉक कर दिया। अकरा स्टेशन पर तोड़फोड़ व आगजनी की। भीड़ ने स्टेशन के टिकट काउंटर पर रखे रुपए भी लूट लिए। मुट्ठी भर रेलवे कर्मचारियों ने अपनी जान बचाने के लिए ख़ुद को शौचालय में बंद कर लिया।

अब आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं की पश्चिम बंगाल में कितना हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ है, लेकिन कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है, जबकि इसी बंगाल में लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले और बाद में लगभग सैकड़ों गिरफ़्तारी सिर्फ इसलिए हो गयी थी, क्योंकि उन्होंने खुलेआम जय श्री का नारा लगाया था।