बलात्कारी के लिए सजाए-ए-मौत से सख्त सजा कुछ नहीं, सरकार बना रही फास्टट्रैक कोर्ट: ईरानी

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नई दिल्ली, 7 दिसंबर: देश में बढ़ रही गैंगरेप की घटनाओं पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी ने शनिवार को कहा कि आधी आबादी की सुरक्षा के लिए सरकार ने दुष्कृत्य के मामलों में मृत्युदंड तक का कानूनी प्रावधान किया है और इससे सख्त सजा कुछ नहीं हो सकती। उल्लेखनीय है की गैंगरेप के बाद युवतियों को जिंदा जलाए जाने की दो हालिया घटनाओं पर देशभर में आक्रोश है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि समाज को भी चाइल्ड पॉर्नोग्रफ़ी जैसी चुनौतियों से निपटने पर विचार करना होगा और गार्जियन्स को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बच्चों को सिखाना होगा कि महिलाओं से सही बर्ताव किया जाए।

स्मृति ईरानी ने रोटरी इंटरनैशनल के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कहा, चर्चा यह भी हो रही है कि बलात्कार के मुजरिमों के लिए और सख्त सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में सरकार की ओर से सजा-ए-मौत तक का कानूनी प्रावधान किया गया है। अब सजा-ए-मौत से ज्यादा सख्त सजा और कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि सरकार ने बलात्कार के मुकदमों की तेज सुनवाई के लिए देशभर में 1,023 फास्टट्रैक कोर्ट स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद देनी शुरू कर दी है।