मुर्शिदाबाद में मुस्लिमों का आतंक: सरकारी अधिकारी के ऑफिस को 10000 मुस्लिमों ने घेर कर आग लगा दी

मुर्शिदाबाद, 14 दिसंबर: नागरिकता संसोधन विधेयक के के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे मुस्लिमों ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में जबरदस्त आंतक मचाया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की सरकारी अधिकारी के ऑफिस को 10 हजार से ज्यादा मुस्लिमों ने घेरकर आग लगा दी? यह जानकारी बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दी है।

भाजपा ने इस पूरी घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की माँग की है। भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ममता बनर्जी पूरे बंगाल में आराजकता की स्थिति पैदा करना चाहती हैं। उनके बयान के बाद और जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिमों की भीड़ ने बीरभूम, मुर्शिदाबाद में रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की।

विजयवर्गीय ने अपने ट्वीट में लिखा- ममता राज में सरकारी अधिकारी इस हाल में हैं। बेलदांगा (मुर्शिदाबाद) के विकासखंड अधिकारी सरकारी काम से सिलीगुड़ी गए थे, तब उनके ऑफिस को 10,000 मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया और आग लगा दी। उनकी पत्नी ने किसी तरह जान बचाई। जब अधिकारियों के ये हाल हैं,तो जनता की बेबसी समझी जा सकती है।

बता दें की – नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन की आग असम में शुरू होकर पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल तक फैल गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में CAB लागू नहीं होने की घोषणा की, तो दूसरी ओर मुर्शिदाबाद में रेलवे स्टेशन में आग लगाने और उलबेड़िया में हावड़ा-खड़गपुर हावड़ा-खड़गपुर सेक्शन में अप और डाउन ट्रेनों का रास्ता रोकने की घटना हुई है। मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों ने उग्र प्रदर्शन किया।