घुसपैठिये भी भारत की नागरिकता लेने के लिए बन सकते हैं हिन्दू, रख सकते हैं हिन्दू नाम, पढ़ें कैसे

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नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने अनजाने में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर-हिन्दू घुसपैठियों को एक विकल्प दे दिया है जिसके बाद ये लोग हिन्दू नाम रखकर या हिन्दू बनकर भारत की नागरिकता ले सकेंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने हिन्दू एवं अन्य गैर मुस्लिम शरणार्थियों को सन्देश दिया है कि अगर उनके पास राशन कार्ड या कोई आईडी प्रूफ नहीं होगा तो भी भारत की नागरिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां आपको डराती हैं कि राशन कार्ड नहीं होगा तो आपको भारत से भगा दिया जाएगा, आपको डरने की जरूरत नहीं है, हिन्दू, जैन, पारसी, ईसाई, सिख शरणार्थियों को भारत की नागरिकता लेने के लिए किसी भी राशन कार्ड या आईडी प्रूफ की जरूरत नहीं है। मुस्लिम घुसपैठियों को भारत की नागरिकता नहीं मिलेगी क्योंकि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान इस्लामिक देश हैं और वहां पर मुस्लिमों के साथ कोई धार्मिक भेदभाव नहीं किया जाता।

अगर अमित शाह की मानें तो हिन्दू और अन्य गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता लेने के लिए राशन कार्ड या अन्य आईडी प्रूफ की जरूरत नहीं है, अब सवाल ये उठता है कि ये पहचान कैसे की जाएगी कि कोई हिन्दू है या मुस्लिम, जाहिर है, सिर्फ नाम देखा जाएगा, अगर हिन्दू नाम है तो हिन्दू, अगर मुस्लिम नाम है तो मुस्लिम। हो सकता है भारत की नागरिकता लेने के लिए मुस्लिम लोग अपना धर्म बदल लें और हिन्दू बन जाएं, अगर कोई मुस्लिम नाम बदलकर हिन्दू नाम रख लेगा तो भी वह हिन्दू बन जाएगा। देश से भागने के बजाय मुस्लिम घुसपैठिये हिन्दू बनना पसंद करेंगे और हिन्दू बनकर भारत की नागरिकता लेंगे। देखते हैं आगे क्या होता है।

गृह मंत्री अमित शाह ने 9 दिसंबर को लोकसभा में नागरिक संसोधन विधेयक पेश किया जो आधी रात बहुमत के साथ पास हो गया, बिल के समर्थन में 311 वोट पड़े जबकि विपक्ष में सिर्फ 80 वोट पड़े। इससे पहले कांग्रेस और भाजपा में जमकर हंगामा हुआ, कांग्रेस ने बिल को असंवैधानिक बताते हुए विरोध किया, कांग्रेस ने इस बिल को मुस्लिम विरोधी बताया।

कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की कुछ लोग सिर्फ वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को भारत में बसाना चाहते हैं, हम उनके मकसद को कामयाब नहीं होने देंगे।