कमलेश तिवारी की ह्त्या के गुनहगार मौलाना को मिली जमानत, मुस्लिम संगठन ने खड़ी की थी वकीलों की फौज

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लखनऊ, 5 दिसंबर: हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की क्रूरतम हत्या के गुनहगार मौलाना सैयद कैफ़ी को जमानत मिल गई है।

बता दें कि – बरेली के मौलाना सैयद कैफ़ी अली ने कमलेश तिवारी हत्यारोपितों की मदद की थी और उन्हें संरक्षण दिया था। कैफ़ी ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार ने मंजूर कर लिया। 20-20 हज़ार रुपए के 2 जमानत एवं निजी मुचलका राशि दाखिल करने पर उसे जमानत दी गई।

मौलाना ने अदालत में कहा कि उस पर लगे आरोप जमानती हैं। इसे अदालत ने मान लिया। मौलाना पर आरोप है कि उसने कमलेश तिवारी के हत्यारों को अपने घर में शरण दी।

मौलाना की जमानत करवाने के लिए ताजुशरिया के मुफ़्ती असजद रज़ा खाँ ने प्रयास किया था। परिजनों ने मुफ़्ती से इसके लिए अपील की थी। उसकी पैरवी आला हजरत दरगाह से जुड़े संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफा ने की। संगठन के उपाध्यक्ष सलमान हसन खाँ कादरी ने बताया कि मौलाना की रिहाई के लिए उन्होंने वकीलों के एक पूरे पैनल को लगाया था।

उल्लेखनीय है की हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में कर दी गई थी। इस हत्याकांड में कई मौलवियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस की कार्रवाई में कई लोग गिरफ़्तार किए गए थे। मुख्य आरोपित अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन ने स्वीकार किया था कि पैगम्बर मुहम्मद पर दिए गए बयान के कारण उन्होंने हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी।