वकील से मारपीट, उठाकर फेंकी गयी बाइक, NHPC मेट्रो पार्किंग स्टाफ बोला, मेरा बाल नहीं उखाड़ पाओगे

faridabad-nhpc-metro-station-parking-staff-misbehave-advocate

फरीदाबाद, 13 दिसंबर: फरीदाबाद के एक वकील से NHPC मेट्रो स्टेशन के पार्किंग स्टाफ ने मारपीट और गाली गलौज की है, वकील की सिर्फ इतनी गलती है की उसने पार्किंग स्टाफ को बाइक खड़ी करने के लिए कहा, पार्किंग स्टाफ ने बाइक को टॉयलेट वाले स्थान पर खड़ा कर दिया, वकील से कहासुनी की, वकील ने पार्किंग स्टाफ की शिकायत मेट्रो प्रशासन से की, दूसरे दिन पार्किंग स्टाफ ने वकील की बाइक उठाकर बाहर फेंक की, वकील ने वीडियो बनानी शुरू की तो पार्किंग स्टाफ ने वकील के साथ मारपीट की और उसे अपनी रौब दिखाई।

वकील मनोज ने बताया कि वह फरीदाबाद से रोजाना दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में वकालत करने जाते हैं, रोजाना अपनी बाइक NHPC मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में खड़ी करते हैं और पार्किंग फीस देते हैं. 11 दिसंबर को मैंने पार्किंग की, मैं करीब 12.30 पर आया था, मैंने अपनी बाइक खड़ी की, यहाँ पर पार्किंग स्टाफ आशुतोष था, उसने कहा – इसकी गाडी को पार्किंग से हटाओ, बालकृष्ण यहाँ पर पार्किंग इंचार्ज है, वह नशे में था.

वकील ने बालकृष्ण से कहा की आशुतोष मुझसे बदतमीजी कर रहा है आप बाइक लगा दो, बालकृष्ण ने कहा की कहा कि अगर ऐसे बाइक लगाओगे तो मैं और बदतमीजी करूंगा, उसके बाद बालकृष्ण और गाली गलौज करने लगा, उसके बाद मैं बाइक छोड़कर चला गया और शाम को वापस आया तो मेरी बाइक टॉयलेट वाले स्थान पर खड़ी थी, वकील और पार्किंग स्टाफ के बीच में कहासुनी हुई लेकिन वकील अपनी बाइक लेकर चला गया और ऑनलाइन कम्प्लेन कर दी.

12 दिसंबर को वकील फिर से 11.30 बजे बाइक लेकर आया तो पार्किंग स्टाफ उनकी बाइक को उठाकर बाहर फेंकने लगा, उसके बाद वकील ने वीडियो बनानी शुरू की तो पार्किंग स्टाफ ने वकील के साथ मारपीट की और गालीगलौज की. वकील उस वक्त अपनी ड्रेस में थे, उसके बावजूद भी पार्किंग स्टाफ ने उनके साथ ऐसी हरकत की और कहा की हमारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। हम यहाँ के मालिक हैं. वकील ने 100 नंबर पर शिकायत की. पुलिस आयी, वकील ने पुलिस से शिकायत की है. मेट्रो थाना ओल्ड पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने का भरोसा दिया है.

आपको बता दें की पार्किंग स्टाफ द्वारा गैरकानूनी कामों की भी जानकारी मिली, पार्किंग पर ना तो Computerised पर्ची मिलती है, पार्किंग चार्जेस भी अधिक है, सरकार रेट को छुपाकर अपनी रेट लिस्ट लगाई गयी है, हेलमेट जमा करने के भी 5 रुपये लिए जाते है, उसकी कोई पर्ची नहीं दी जाती और सरकार को कोई हिसाब भी नहीं दिया जाता। पार्किंग एरिया से बाहर भी गाडी खड़ी करवाकर पर्ची काटी जाती है. पार्किंग स्टाफ के पास ना तो ड्रेस थी और ना ही कोई आईडी कार्ड था. 400 रुपये दिहाड़ी पर एक स्टाफ काम करता हुआ दिखाई दिया। पार्किंग के ठेकदार का नाम संजीव कुमार है.