दिल्ली अग्निकांड: मोहम्मद रेहान, फुरकान और इमरान की पैसे कमाने की लालच ने ले ली 43 लोगों की जान

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नई दिल्ली, 9 दिसंबर: मोहम्मद रेहान, फुरकान और इमरान की पैसे कमाने की लालच ने रविवार को दिल्ली में 43 गरीब लोगों की जान ले ली, जी हाँ? गौरतलब है की दिल्ली के फिल्मिस्तान स्थित अनाज मंडी इलाके में रविवार को हुए भीषण अग्निकांड में 43 लोगों की जान चली गई।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि – रविवार को जिस फैक्ट्री में आग लगी, उसके तीन मालिक हैं, तीनों का नाम, मोहम्मद रेहान, शान और इमरान है, जबकि फैक्ट्री का मैनजेर फुरकान था, फैक्ट्री मालिक मोहम्मद रेहान और मैनेजर फुरकान को तो दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, दोनों पर गैरइरादतन ह्त्या का केस दर्ज हुआ है, जबकि शान और इमरान अभी भी फरार हैं?

फैक्ट्री मालिक, रेहान, शान और इमरान दिल्ली के हिंदूराव इलाके में रहते हैं, जिस फैक्ट्री में आग लगी वो फैक्ट्री लगभग 600 गज में है और इस फैक्ट्री में महिलाओं का पर्स बनाने का कार्य किया जाता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है की फैक्ट्री में पर्स बनाने का ही काम होता था या कुछ और काम होता था, इस फैक्ट्री के पास एनओसी ( नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट ) भी नहीं है? इसके अलावा आग से बचने के कोई उपकरण भी इस फैक्ट्री के पास नहीं थे, अगर होते तो आज शायद वो 43 लोग जिन्दा होते। जो तड़प-तड़पकर मर गए।

इससे साफ़ है की रेहान, शान और इमरान की पैसे की कमाने की लालच ने ही 43 गरीब लोगों की जान ले ली, गरीब लोग पेट पालने के लिए दो वक्त की रोटी के लिए ऐसी फैक्ट्रियों में काम करने आते है, उनको क्या पता की यह फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही है, उन बेचारों तो तो बस मेहनत से काम करके अपने मजदूरी से मतलब होता है, क्योंकि फैक्ट्री मालिक से ज्यादा सवाल-जवाब करेंगें तो उन्हें नौकरी पर रखा ही नहीं जाएगा। इसलिए वो किसी तरह फैक्ट्री में काम करते रहते हैं और मालिक मौज उड़ाते रहते हैं, एक दिन ऐसा आता है की फैक्ट्री में किसी न किसी वजह से भीषण हादसा हो जाता है, गरीब मारे जाते हैं और फैक्ट्री मालिक फरार हो जाते हैं।