55 करोड़ के हज हाउस के बजाय CM बनवा देते 55 सरकारी स्कूल तो BJP को मिलती 55 से ज्यादा सीटें

झारखण्ड, 23 दिसंबर: सोमवार ( 23 दिसंबर 2019 ) को आये झारखण्ड विधानसभा चुनाव परिणाम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ी, जबकि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ( झामुमों ) और कांग्रेस के गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत के साथ प्रचंड जीत हासिल की।

भाजपा की हार के पीछे कई वजह सामने आ रही हैं, हार का सबसे ज्यादा जिम्मेदार मुख्यमंत्री रघुवर को ठहराया जा रहा है, क्योंकि रघुवर दास खुद अपनी सीट भी नहीं बचा पाए और जमशेदपुर ईस्ट से चुनाव हार गए। इसके अलावा रघुवर दास बीजेपी के सिद्धांतों से हटकर तुष्टिकरण की राजनीति करने में जुट गए।

झारखण्ड की मुलभुत सुविधाओं को छोड़कर मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मुस्लिम तुस्टीकरण का रास्ता चुना, जनता ने उन्हें स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारने के लिए चुना था लेकिन उन्होंने हज हाउस बनाने पर अधिक फोकस किया। उन्होंने पूरी ताकत हज हाउस बनवाने में लगा दी और 55 करोड़ की लागत से हज हाउस बनवाकर उसका उट्घाटन भी कर दिया।

लोगों का कहना है की अगर मुख्यमंत्री रघुवर दास एक हज हॉउस में 55 करोड़ खर्च करने के बजाय 55 स्कूल बनवा देते तो भाजपा की 55 सीटें से ज्यादा आ जाती और आज करारी हार का मुंह न देखना पड़ता। क्योंकि हज हॉउस में सिर्फ एक समुदाय यानी मुस्लिम लोग इबादत करने जायेंगें, जबकि अगर 55 करोड़ का स्कूल या अस्पताल बनवाया होता तो वो 55 अलग-अलग जगह पर होता और उसमें हर धर्म के बच्चे पढ़ने जाते। लेकिन रघुवर दास ने सिर्फ मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए 55 करोड़ का हज हॉउस बनवा दिया। जिसका नतीजा यह निकला की रघुवर दास खुद अपनी ही सीट गँवा बैठे साथ ही भाजपा की झारखण्ड में लुटिया भी डुबो दी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की – रांची के कडरू में 55 करोड़ रुपये की लागत से भव्य हज हाउस बनवाकर सीएम रघुवर दास ने ईद पर इसका उदघाटन किया था, इस हज हाउस में एक साथ करीब 1000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। इसमें हज यात्रियों को ट्रेनिंग देने से लेकर ठहरने व भोजन की व्यवस्था भी होगी। महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था है। हज यात्रियों को छोडऩे के लिए आने वाले लोगों के वाहनों के लिए डबल बेसमेंट पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां 76 कार और दो बसें खड़ी की जा सकती हैं। पानी के लिए भी डीप बोरिंग की गई है।

इसके साथ ही इस हज हाउस में आने वालों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी फ्लोर पर एसी और फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया है। हज हाउस के बाहर से लेकर अंदर तक का हिस्सा सीसीटीवी की निगरानी में होगा। इसके बावजूद बीजेपी झारखड में जीत नहीं पायी।