स्वामी यति नरसिम्हा सरस्वती राम मंदिर ट्रस्ट में नहीं चाहते कोई मुसलमान, पढ़ें क्यों

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नई दिल्ली: कट्टर हिंदुत्ववादी नेता स्वामी यति नरसिम्हा सरस्वती ने मोदीजी और योगीजी से मांग की है की राम जन्मभूमि पर बनने वाली राम मंदिर ट्रस्ट में किसी भी मुसलमान को सदस्य के तौर पर शामिल ना किया जाए। उनका यह बयान विवादास्पद भी कहा जाता है क्योंकि उनकी बात कम से कम मुसलमानों को तो अच्छी नहीं लगेगी।

स्वामी यति नरसिम्हा सरस्वती ने कहा कि एक सन्याशी के तौर पर मेरी मांग है कि मोदी जी कर योगी जी यह गलती कभी ना करें। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि आपने कभी कुरआन पढ़ी है या नहीं, हो सकता है कि आपने कुरआन ना पढ़ी हो, और दूसरों के कहने से विश्वास कर लिया हो कि इस्लाम मानवता का धर्म है।

उन्होंने कहा कि सत्य तो ये है कि कुरआन शुरू होती है कलमे से, कलमा मुसलमानों का ब्रह्म वाक्य है, इसके बिना कोई मुसलमान नहीं होता। कलमा कहना है – ला इलाहा इलिलिआह, मुहम्मद उर रसूलल्ला। वे रोजाना कसम खाते हैं कि दुनिया में अल्लाह के सिवा कोई भी पूजने लायक नहीं है और उस अल्लाह का पैगम्बर केवल और केवल मुहम्मद ही है। यह उनका पहला विश्वास है और कुरआन उनका ये कहता है कि मस्जिदों के अलावा जो भी पूजा स्थल हैं उन्हें तोड़ दो। देखिये यति का पूरा वीडियो –