बाल ठाकरे की विचारधारा त्यागकर कुर्सी के लिए शिवसेना ने मिला लिया हिन्दू धर्म विरोधियों से हाथ

महाराष्ट्र, 26 नवंबर: शिवसेना एक ऐसी पार्टी थी जिसका नाम सुनते ही जेहन में पहले हिंदुत्व ही आता है, लेकिन कुर्सी के लिए शिवसेना ने न सिर्फ पहले शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की विचारधारा त्यागी बल्कि सनातन धर्म विरोधियों से हाथ मिला लिया। शिवसेना को अब सपा नेता अबू आजमी का भी साथ मंजूर है।

कुर्सी के लिए जिस अबू आजमी के बगल शिवसेना सांसद संजय राउत बैठे हैं और उद्धव ठाकरे सामने खड़े हैं, यह वही अबू आजमी है जो कि हमेशा इस्लामिक राष्ट्र की बात करता है, जिसने टीवी चैनलों पर कई बार मंदिर मामले में धमकी दे दिया था कि हम मंदिर नहीं बनने देंगे और जो वंदे मातरम का खिलाफत करता है के साथ बैठकर उसके आगे सरेंडर कर दिया है।

एक तरह से यह भी कहा जा सकता है कि – यह उन सभी हिंदुओं के मुंह पर थप्पड़ है जिन्होंने हिंदुत्व के नाम पर शिवसेना को वोट दिया था। इसके अलावा आदित्य ठाकरे जो कि विधायक हैं सोनिया गांधी जी की सपथ ले रहे है, शरद पवार की शपथ ले रहे हैं। क्योंकि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे अपनी कट्टर हिंदुत्व छवि के कारण जाने ही जाते थे।