मुस्लिमों को 5% आरक्षण देने, सावरकर को भारत रत्न की मांग छोड़ने को तैयार हुई शिवसेना

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महाराष्ट्र, 15 नवंबर: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद गुरुवार को शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दरअसल शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं ने गुरुवार को एक संयुक्त बैठक की, जिसमें एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा की गई।

शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने इस बैठक में शिरकत की। मीटिंग में बताया कि एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसे अब तीनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के पास भेजा जाएगा, यदि पार्टी आलाकमान इस न्यूनतम साझा कार्यक्रम को अपनी सहमति दे देती है तो जल्द ही राज्य में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार बन सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कांग्रेस और एनसीपी ने बैठक के दौरान शिवसेना से मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में 5% आरक्षण देने के लिए राजी कर लिया है। इसके साथ ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत शिवसेना, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मांग से भी पीछे हट सकती है!

महाराष्ट्र में अपना मुख्यमंत्री बनाने के चक्कर में शिवसेना अपनी विचारधारा से समझौता कर रही है, शिवसेना ने हमेशा मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में 5% आरक्षण देने का विरोध किया था, लेकिन सत्ता के चक्कर में अब समर्थन करेगी।