महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण के पार्थिव शरीर को नहीं मिली एम्बुलेंस, लालू ने बोला नीतीश पर हमला

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पटना, 15 नवंबर: महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का निधन गुरुवार को पटना के पीएमसीएच में हो गया, लेकिन दुनियाभर से चर्चित गणितज्ञों में शुमार किए जाने वाले वशिष्ठ नारायण निधन के बाद भी सरकारी उपेक्षा के शिकार बने और काफी देर तक उनका शव एंबुलेंस का इंतजार करता रहा…एम्बुलेंस न आने से नीतीश सरकार की नाकामी भी उजागर हो गई।

महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस न मिलने पर बिहार पे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार की नीतीश सरकार पर जोरदार हमला बोला है.

लालू यादव ने फेसबुक पर लिखा – महान गणितज्ञ आदरणीय डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह जी के निधन की ख़बर सुनकर बहुत दुःख हुआ। मौत सबको एक ना एक दिन आनी ही है लेकिन मरणोपरंत जिस प्रकार उनके पार्थिव शरीर के साथ असंवेदनशील नीतीश सरकार द्वारा जो अमर्यादित सलूक किया गया वह अतिनिंदनीय है। क्या बड़बोली डबल इंजन सरकार उस महान विभूति को एक ambulance तक प्रदान नहीं कर सकती थी?


लालू ने कहा, मीडिया में बदनामी होने के बाद क्या किसी के पार्थिव शरीर को सड़क बीच रोककर उसे श्र्द्धांजलि देना एक मुख्यमंत्री को शोभा देता है? क्या उनके जीते जी , इतने दिन अस्पताल में अड्मिट रहने के दौरान मुख्यमंत्री उन्हें कभी देखने गए?

इसके साथ ही लालू ने कहा, हमारे कार्यकाल में मैंने उनका अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज करवाया। उनकी सेवा करने वाले पारिवारिक सदस्यों को सरकारी नौकरी प्रदान की, उनका ट्रान्स्फ़र करवाया ताकि वो पटना में रहते हुए अच्छे से उनकी देखभाल कर सकें।

परिजनों का आरोप है कि वशिष्ठ नारायण सिंह की मृत्यु के 2 घंटे तक उनकी लाश अस्पताल के बाहर पड़ी रही. 2 घंटे के इंतजार के परिवार वाले प्राइवेट एम्बुलेंस करके पार्थिव शरीर घर ले गए। सोशल मीडिया पर लोग नीतीश सरकार को जमकर कोष रहे हैं।