एक फोन कॉल से बदल गया महाराष्ट्र का माहौल, कांग्रेस ने नहीं सौंपी शिवसेना को समर्थन की चिट्ठी

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महाराष्ट्र, 12 नवंबर: महाराष्ट्र में सोमवार को पूरे दिन हर पल राजनितिक घटनाक्रम बतलता रहा, बीजेपी से ३० साल पुराना रिश्ता तोड़ने के बाद शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बड़ी बड़ी बातें कर रही थी, कभी 170 विधायकों का समर्थन का दावा करती थी, कभी कहती थी कि CM तो शिवसेना का ही बनेगा। शिवसेना ऐसा जाहिर कर रही थी जैसे कि कांग्रेस और एनसीपी इनकी जेब में हो, लेकिन एक फोन कॉल ने शिवसेना के अरमानों पर पानी फेर दिया।

दरअसल शिवसेना का समर्थन करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार शाम को दिल्ली स्थित अपने निवास पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक की, करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में उन्होंने सभी नेताओं से बात करने के बाद अपनी राय बताई, सोनिया गांधी इसके बाद आगे की रणनीति के लिए NCP के सुप्रीमो शरद पवार से फोन पर बात की। कहा जा रहा है कि शरद पवार ने फोन पर सोनिया गांधी से जा बात कही, उसे सुनकर वह चौंक गईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरद पवार ने फोन पर कहा कि सरकार बनाने को लेकर अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की तरफ से सरकार बनाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं आया है..इसके बाद कांग्रेस ने भी शिवसेना को समर्थन न देने का मन बना लिया।

इस तरह से शिवसेना कांग्रेस के समर्थंन का इंतजार करती रही, लेकिन कांग्रेस ने समर्थन वाली चिट्ठी नहीं भेजी और शिवसेना का समय समाप्त हो गया , तकाल राज्यपाल ने एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। राज्यपाल ने एनसीपी को 24 घंटे का समय दिया है।