रामजन्मभूमि आन्दोलन के पुरोधा अशोक सिंघल की पुण्यतिथि आज, अमित शाह ने किया नमन

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नई दिल्ली, 17 नवम्वर: अयोध्या रामजन्मभूमि के प्रणेता और विश्व हिन्दू परिषद् के नेता अशोक सिंघल की आज ( 17 नवंबर 2019 ) को पुण्यतिथि है। सिंघल की पुण्यतिथि पर गृहमंत्री अमित शाह ने इन्हें नमन किया है।

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा – राम जन्मभूमि आन्दोलन के पुरोधा अशोक सिंघल जी ने एक अतिसंपन्न परिवार से आने के बाद भी सभी सुख और वैभव को त्याग कर जीवन भर एक सन्यासी के रूप में देश और धर्म की सेवा की। राम जन्मभूमि व रामसेतु आन्दोलन और धर्म जागरण के लिए उनका संघर्ष वन्दनीय था। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन।

बता दें कि – अशोक सिंघल का जन्म 15 सितम्बर 1926 को आगरा में हुआ था। उनके पिता एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत थे। 1942 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। उन्होने 1950 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) से इंजीनियरिंग पूरी की। इसके बाद इंजीनियर की नौकरी करने के बजाये उन्होंने समाज सेवा का मार्ग चुना और आगे चलकर आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बन गये।

1975 से 1977 तक देश में आपातकाल और संघ पर प्रतिबन्ध रहा। इस दौरान अशोक सिंघल इंदिरा गांधी की तानाशाही के विरुद्ध हुए संघर्ष में लोगों को जुटाते रहे। आपातकाल के बाद वे दिल्ली के प्रान्त प्रचारक बनाये गये। 1981 में डा. कर्ण सिंह के नेतृत्व में दिल्ली में एक विराट हिन्दू सम्मेलन हुआ पर उसके पीछे शक्ति अशोक सिंघल और संघ की थी। उसके बाद अशोक सिंघल को विश्व हिन्दू परिषद् के काम में लगा दिया गया।

इसके बाद परिषद के काम में धर्म जागरण, सेवा, संस्कृत, परावर्तन, गोरक्षा आदि अनेक नये आयाम जुड़े। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण है श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आन्दोलन, जिससे परिषद का काम गाँव-गाँव तक पहुँच गया। इसने देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा बदल दी। 17 नवंबर 2015 को हरियाणा के गुरुग्राम में निधन हो गया।