हारे हुए मंत्रियों ने सीएम खट्टर को दिखाए अपने जख्म, कहा- हमें मार गया 75 पार का अहंकार

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चंडीगढ़, 2 नवंबर: किसी नेता के पास जब सत्ता रहती है वो उसके हाव-भाव ही अलग रहते हैं। आगे पीछे गन थामे सुरक्षाकर्मी, सरकारी बँगला, लग्जरी गाड़ी और हवाई जहाज से देश विदेश आने जाने का भी मौका मिलता है। लेकिन हार के बाद जब उनके पास से सत्ता चली जाती है तो उन्हें बहुत दुःख होता है। होगा भी क्यों न। तन्हाई क्या होती है इन नेताओं को तब पता चलता है जब सभी सुख सुविधाएँ उनके छीन ली जाती हैं।

बता दें कि – हरियाणा के कई दिग्गज नेता चुनाव हार गए जिनमे खटटर सरकार 8 मंत्री भी शामिल थे। कल सीएम मनोहर लाल ने इन पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक की। सभी मंत्रियों ने सीएम को अपनी हार के जख्म दिखाए और अपनी पीड़ा बताई। वो चुनाव कैसे हारे इस पर चर्चा हुई।

बैठक में अधिकांश पूर्व मंत्रियों ने 75 से अधिक सीटें जीतने के नारे पर भी सवाल उठाए। कइयों ने कहा कि हम जमीनी हकीकत नहीं जान पाए। अधिकांश मंत्रियों ने कहा कि वर्करों पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया। वर्कर पार्टी की रीढ़ होते हैं, ऐसे में हमें भविष्य में भी ध्यान रखना चाहिए। पूर्व शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने भी अपनी पीड़ा बताई लेकिन उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए कहा कि अब हमें आगे के बारे में सोंचना चाहिए। इन चुनावों में भाजपा को 40 सीटें मिली हैं और 50 पर हार का मुँह देखना पड़ा है।

हरियाणा के मंत्रियों के हार का सबसे बड़ा कारण यह है कि – वो सत्ता पाने के बाद उम्मीद से ज्यादा घमंडी हो गए थे, इसलिए हरियाणा की जनता खट्टर सरकार से खुश नहीं थी। इस कारण खटटर सरकार 8 मंत्रियों को हार का मुंह देखना पड़ा।