महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन: सुरजेवाला बोले- राज्यपाल ने संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया

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महाराष्ट्र, 12 नवंबर: महाराष्ट्र में लगभग 20 दिनों तक चली सियासी खींचतान के बीच सरकार न बन पाने के कारण आख़िरकार राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। कांग्रेस ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करने के लिए उनकी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने न्याय का हनन किया है और संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पर राकांपा, शिवसेना और भाजपा को सरकार बनाने के लिए बहुमत साबित करने के लिए मनमाने ढंग से समय देने का आरोप भी लगाया। सुरजेवाला ने कहा, ये बेईमानी से भरा हुआ और राजनीति से प्रेरित है।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, राज्यपाल कोश्यारी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करके लोकतांत्रिक न्याय का हनन किया है और संवैधानिक प्रक्रिया का मजाक बनाया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि – कोश्यारी के कार्यालय द्वारा ट्विटर पर जारी किए गए एक बयान में कहा गया, उन्हें विश्वास है कि संविधान के अनुरूप सरकार का गठन नहीं किया जा सकता है और इसलिए आज संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों को लागू करने की रिपोर्ट भेजी है। राष्ट्रपति ने मंजूरी भी दे दी। फ़िलहाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग चुका है। अब सरकार बनाने की सभी संभावनाएं लगभग ख़त्म हो चुकी हैं।