देशवासी भारतभक्ति की भावना को सशक्त करें और राम मंदिर पर SC के फैसले का सम्मान करें: नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा – देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।

उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है:

  • यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है।
    हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया।
    न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया।
  • उन्होंने यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।

    बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या पर ऐतिहासिक फैसला देते हुए राम मंदिर निर्माण का रास्‍ता साफ कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन माह में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्‍ट बनाने का आदेश दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुस्‍लिम पक्ष के लिए दूसरी जगह मस्‍जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है।

    बता दें कि CJI रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों वाली संविधान पीठ ने शनिवार सुबह फैसला देते हुए कहा – इसमें कोई दो राय नहीं कि मीर बाकी ने वहां मस्‍जिद बनवाई थी लेकिन मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी, मस्जिद के नीचे खुदाई में गैर इस्लामिक कलाकृतियां मिली हैं. सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन को रामलला को सौंपते हुए तीन महीनें के अंदर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन के निर्देश दिए हैं।