अयोध्या में बाबरी मस्जिद बनवाने के लिए दिन-रात एक कर दिए थे वकील राजीव धवन, फिर भी हुए चित

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नई दिल्ली, 10 नवंबर: अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है. देश की सबसे बड़ी अदालत ने सबसे बड़े फैसले में अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान का हक माना है। अयोध्या केस हाथ से निकलने के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी और राजीव धवन को बहुत तकलीफ हुई, जिलानी ने तो अपनी तकलीफ उजागर कर दी। लेकिन राजीव धवन अपनी तकलीफ दिल में ही दबाकर बैठे रहे।

बता दें कि – अयोध्या मामलें का केस जबसे सुप्रीम कोर्ट में आया था यानी आज से 9 साल पहले तबसे राजीव धवन मुस्लिम पक्ष के वकील थे और अयोध्या में बाबरी मस्जिद बनवाने के लिए दिन-रात मेहनत करते थे, इसके बावजूद राजीव धवन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए। और विवादित जमीन रामलला को ही मिली। राजीव धवन ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कई बार आपा भी खोया। यहाँ तक की एक वकील का नक्शा भी फाड़ दिया। लेकिन कामयाब नहीं हुए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, धवन साहब, जफरयाब जिलानी और उनके जूनियर वकील इस केस पर जमकर मेहनत करते थे। रात 3-3 बजे तक जगते थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हमारे साथ न्याय नहीं किया। एक तरह से ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल भी उठाया।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है, अब यह केंद्र और राज्य सरकार तय करेगी की अयोध्या के अंदर सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन कहाँ दी जाय।