बंगाल में ट्रिपल मर्डर पर छाया सन्नाटा क्योंकि मरने वाले का नाम पहलू खान या अखलाक नहीं है

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कोलकाता, 10 अक्टूबर: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में RSS कार्यकर्ता बंधु प्रकाश पाल, उनकी गर्भवती पत्नी एवं 8 वर्षीय मासूम बच्चे की ( 8 अक्टूबर 2019 ) की गला रेतकर नृशंस ह्त्या कर दी गयी…इतनी बड़ी घटना के बावजूद चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ…मोब लिंचिंग पर गला फाड़ने वाले वाले बुद्धिजीवी भी इस घटना पर चुप्पी साधे हुए हैं.

मुर्शिदाबाद में हुई इस दर्दनाक घटना पर बुद्धिजीवियों की चुप्पी का बहुत कारण है…कारण यह है की मरने वाला हिन्दू था और इसके साथ-साथ वो आरएसएस कार्यकर्ता भी था..इसलिए बुद्धिजीवी चुप्पी साधे हुए हैं.

अगर मरने वाले का नाम का नाम अख़लाक़ या पहलू खान होता तो या यह घटना किसी बीजेपी साशित राज्य में घटी होती तो अब तक देश में हंगामा मच गया होता है, तमाम बुद्धिजीवी सरकार को कोसने लगते, हर मीडिया हाउसेस में यह घटना गूंजती, ट्विटर पर ट्रेंड चलते, तबरेज की मौत पर हंगामा मचाने वाले मसीहा पत्रकार भी समर्थन में उतर आते, सेकुलरवादी भी एक्टिव हो जाते, लेकिन बंगाल की घटना पर अभी तक किसी का मुंह नहीं खुला है..बड़े मीडिया हाउसों से भी यह खबर गायब ही रही.

इस घटना पर उन 49 बुद्धिजीवियों का मुंह भी अभी तक नहीं खुला है, जिन्होनें डकैत तबरेज अंसारी की मौत के बाद पीएम मोदी को मोब लिंचिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पत्र लिखा था…बता दें कि – मुर्शिदाबाद जिले में तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है. इस वारदात में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई.

मृतकों में स्कूल शिक्षक और आरएसएस का कार्यकर्ता बंधु प्रकाश, उसकी गर्भवती पत्नी और 8 साल का बच्चा शामिल है. घटना के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुँच पायी है..? सूबे की सीएम ममता बनर्जी ने अभी तक इस घटना पर एक भी बयान नहीं दिया है.