जमानत जब्त होने के बाद सनके तेज बहादुर यादव, JJP छोड़कर दुष्यंत चौटाला को बताया गद्दार

करनाल, 26 अक्टूबर: विधायक बनने के मंसूबे पालकर JJP की टिकट पर करनाल सीट से चुनावी मैदान में उतरे तेजबहादुर यादव उर्फ़ दाल बहादुर यादव की जमानत जब्त हो गयी, जमानत जब्त होने के बाद तेजबहादुर यादव् सनक गए और जेजेपी से इस्तीफ़ा दे दिया, यही नहीं JJP अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला पर जमकर हमला भी बोला.

चुनाव हारने के बाद तेज बहादुर ने वीडियो जारी करके बीजेपी और जेजेपी के गठबंधन को हरियाणा की जनता के साथ गद्दारी बताया है, उन्होंने कहा है कि आपको ( दुष्यंत चौटाला ) विपक्ष में बैठना चाहिए था. जब बीजेपी निर्दलीय विधायकों के साथ सरकार बना रही थी, तब आप खुद गए और गठबंधन किया. यह प्रदेश की जनता के साथ धोखा है. गठबंधन गलत है.

इसके अलावा तेजबहादुर ने कहा कि जो बीजेपी है, वही जेजेपी है. जेजेपी , बीजेपी की बेटी है. उन्होंने कहा कि यह अब जनता के सामने आ चुका है. उन्होंने कहा कि इसका मुझे पहले से ही अंदेशा था. जब मैं चार दिन झांसी जेल में बंद रहा, तब पार्टी की ओर से कोई बयान तक नहीं आया…तभी मैं समझ गया था, इसके अलावा तेजबहादुर यादव ने अपने सभी समर्थकों से तत्काल जेजेपी छोड़ने की अपील की है, इसके अलावा तेजबहादुर यादव ने हरियाणा से जेजेपी का नामोनिशान मिटाने की कसम भी खाई है.

बता दें की ये वही तेजबहादुर यादव हैं, जो पतली दाल मिलने के कारण बीएसफ पर गंभीर आरोप लगाकर नौकरी छोड़कर घर भाग आये थे, इसके बाद से ही सोशल मीडिया ने इनका नाम दलबहादुर भी रख दिया है. तेजबहादुर यादव लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन इन्होनें जो नामांकन भरा था, उसमें कुछ त्रुटियां थी, जिसकी वजह से इनका नामांकन रद्द हो गया.

इसके बाद तेजबहादुर यादव ने हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले जननायक जनता पार्टी ( जेजेपी ) ज्वाइन की और करनाल से सीएम खट्टर के खिलाफ चुनाव लड़ा, चुनाव में जमानत जब्त हो गयी..इसके अलावा तेजबहादुर यादव हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों के साथ बैठकर दारु भी पी चुके हूँ, इस बात की जानकारी खुद उन्होंने ने ही दी थी.