महाराष्ट्र: मिलिए राम सतपुते से जो गरीबी से लड़कर बने बीजेपी विधायक

महाराष्ट्र, 30 अक्टूबर: महाराष्ट्र में चुनाव भी हो गए, चुनावी नतीजे भी आ गए, लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद सरकार किसी की नहीं बन सकी है, क्योंकि बहुमत किसी भी पार्टी को नहीं मिला है. इसी बीच महाराष्ट्र में बीजेपी विधायक राम सतपुते खूब चर्चा में हैं.

महाराष्ट्र के मालशिरस से बीजेपी विधायक राम सतपुते एक मिल मजदुर के बेटे हैं, उनके घर की स्थिति भी बद से बदतर है, लेकिन उनकी मेहनत और बीजेपी के टिकट ने उन्हें विधायक बना दिया। राम सतपुते ने भारतीय जनता पार्टी के लिए अपना पहला ही चुनाव राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी ) के गढ़ मालशिरस में जीता है। सतपुते लम्बे अरसे तक एबीवीपी के भी सदस्य रहे हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

अष्टी इलाके के निवासी सतपुते एबीवीपी में प्रदेश मंत्री के पद पर भी काम कर चुके हैं। बाद में वे भारतीय जनता युवा मोर्चा में शामिल हो गए, तो वहाँ भी उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर आसीन कर दिया गया। उनके पिता विट्ठल सतपुते चीनी मिल में मजदूरी करते थे।

राम सतपुते को पहले ही विधानसभा चुनाव में टिकट मालशिरस का मिला, जिसे राकांपा का गढ़ और भगवा खेमे के लिए टेढ़ी खीर माना जाता है। लेकिन फिर भी सतपुते चुनाव जीतने में कामयाब रहे. इन चुनावों में एनसीपी सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी भी है। उसने अपने विधायकों की संख्या में 13 की बढ़ोतरी की है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा और शिवसेना को मिलाकर कुल 24 सीटों का घाटा हुआ है। ऐसे में सतपुते की इस जीत के मायने अहम हैं।

विधायक बनने के बाद राम सातपुते ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है कि – यही मेरा घर है …मेरे और मेरे परिवार की आज तक की ज़िंदगी यही गुज़री है और आज मुझे विधायक बनाकर भाजपा ग़रीब , मज़दूर और किसानो की पार्टी है यह बार बार सिद्ध किया है.पार्टी नेतृत्व का आभारी हूँ.