बड़ा खुलासा: दरगाह आला हजरत के मौलाना ने कराया था कमलेश के कातिल अशफाक और मोईनुद्दीन का इलाज

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लखनऊ, 23 अक्टूबर: हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के चार दिन बाद गुजरात एटीएस ने दोनों मुख्‍य आरोपियों अशफाक और मोईनुद्दीन को राजस्थान बॉर्डर के शामलजी से गिरफ्तार कर लिया…एटीएस की पूछताछ में ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उन्होंने बताया कि कमलेश तिवारी के विवादित बयानों के चलते उनकी हत्या की गई.

दोनों हत्यारों को मंगलवार सुबह एसआईटी लखनऊ लेकर आई, यहां पूछताछ में कई चौंकाने खुलासे हुए. एसआईटी सूत्रों का दावा है कि बरेली निवासी दरगाह आला हजरत के मौलाना मौलाना सैय्यद कैफी अली रिजवी ने ही घायल हत्यारे की बरेली में मरहम-पट्टी करायी थी.?

फिलहाल कमलेश तिवारी की हत्यारों के मददगार प्रेमनगर निवासी मौलाना सैय्यद कैफी अली रिजवी को एसटीफ़ ने हिरासत में लिया…शुक्रवार रात को बरेली आए दोनों हत्यारे मौलाना के घर कुछ देर रुके थे. लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या के बाद आरोपितों की लोकेशन लखनऊ के बाद शाहजहांपुर, बरेली व मुरादाबाद के बाद अम्बाला मिलने की सूचना पर पुलिस की टीमें बेहद सक्रिय हैं. इस मामले में मंगलवार को यूपी एटीएस की टीम ने बरेली में मौलाना को हिरासत में लिया है. मौलाना से गहनता से पूछताछ जारी है.