राहुल के करीब आते ही बर्बाद हुए सुरजेवाला, कभी 2-2 बार सीएम को हराया था, अब 10 महीने में 2 बार हारे

कैथल, 25 अक्टूबर: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को महज 10 महीनें के अंतराल पर दो बार विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा..मालूम हो की कॉन्ग्रेसी हर समय गॉंधी परिवार और उसके युवराज राहुल गॉंधी की करीबी हासिल करने के तीन-तिकड़म में लगे रहते हैं। और सुरजेवाला ने इसमें सफलता प्राप्त कर ली और बन गए राहुल गांधी के बेहद करीबी, लेकिन राहुल गांधी की करीबी हासिल करना सुरजेवाला के विनाश और बर्बादी का कारण बनी.

बता दें कि – कभी ​हरियाणा के भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देखे जाने वाले सुरजेवाला 10 महीनों के भीतर दूसरी बार चुनाव हारे हैं। जनवरी में जींद उपचुनाव में वे तीसरे नंबर पर रहे तो अब कैथल से भी सूपड़ा साफ़ हो गया है। कैथल सीट पर 2005 से ही सुरजेवाला के परिवार का कब्जा था…लेकिन समय का चक्र ऐसा घूमा की अब सुरजेवाला के हाथ से कैथल की विधायकी भी निकल गयी, जबकि यही सुरजेवाला 2014 में मोदी लहर के बावजूद कैथल से विजयी हुए थे, तब इनकी और राहुल गांधी की पहचान नहीं हुयी थी.

चुनावी मैदान में रणदीप सिंह सुरजेवाला का ग्राफ कॉन्ग्रेस प्रवक्ता बनने के बाद से गिरा है। यह जिम्मेदारी दिसंबर 2017 में पार्टी का अध्यक्ष बनते ही राहुल गॉंधी ने उन्हें थमाई थी। पार्टी के कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का मुखिया भी बनाया। इसके बाद से ही सुरजेवाला राहुल गांधी के बेहद करीबी बन गए.

रणदीप सिंह सुरजेवाला को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खी 1996 और 2005 के हरियाणा विधानसभा चुनाव से मिली। दोनों बार उन्होंने ओम प्रकाश चौटाला को पटखनी दी। दोनों बार चौटाला बतौर मुख्यमंत्री चुनाव लड़ रहे थे। इन्हीं नतीजों की वजह से सुरजेवाला को हरियाणा का भावी मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाने लगा, लेकिन समय का चक्र ऐसा बदला की न वो किसी अर्थ के रह गए, न उनके करीबी राहुल गांधी, क्योंकि अब कांग्रेस अध्यक्ष की कमान सोनिया गांधी के हाथों में है, और राहुल गांधी के करीबियों को दूर भगाया जा रहा है..राहुल गाँधी की भी इज्जत ख़त्म हो रही है.

Sponsored Articles
loading...