नक्शा फाड़कर राजीव धवन ने किया SC और संविधान का अपमान, फैसला आने के बाद मैं धवन को देखूंगा

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नई दिल्ली, 17 अक्टूबर: ऐतिहासिक अयोध्या मामलें की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में ( 16 अक्टूबर 2019 ) को ख़त्म हो गई, सुनवाई के आखिरी दिन तीखी बहस के साथ-साथ जमकर हंगामा भी हुआ, जी हाँ. इस दौरान मुस्लिम पक्ष की तरह से पेश हुए वकील राजीव धवन ने सबूत के तौर पर हिन्दू पक्ष के वकील विकास सिंह द्वारा दिखाए गए नक़्शे को सुप्रीम कोर्ट में फाड् डाला।

इस मामलें को लेकर रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य राम विलास वेदांती का कहना है कि राजीव धवन ने नक्शा फाड़कर केवल सुप्रीम कोर्ट का ही नहीं अपमान किया, संविधान का अपमान किया है. न्याय का अपमान किया, न्यायधीशों का अपमान किया है. न्यायधीशों के बीच में नक्शे को चार टुकड़े में फाड़कर फेंक देना ये भारतीय संस्कृति का अपमान है. उन्होंने कहा कि मैं एफआईआर दर्ज कराऊंगा.

उन्होंने कहा कि मैंने इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों से बात की, उन्होंने कहा कि इससे मुकदमा प्रभावित हो सकता है. क्योंकि जजों के समाने ऐसी हरकत की गई है तो जजों को स्वयं संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने विश्वास जताया कि फैसला राम लाला के पक्ष में ही आएगा. जब निर्णय आ जाएगा तो मैं राजीव धवन को देखूंगा..?

इससे पहले रामविलाश वेदांती ने राजीव धवन के खिलाफ आज ही मुकदमा दर्ज कराने का एलान किया था, लेकिन अब वो फैसला आने के बाद दर्ज करायेंगें।