दशहरे पर अमृतसर रेल हादसे के जख्म हुए ताजे, अभी तक नही मिला न्याय, सिद्धू के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग

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अमृतसर, 8 अक्टूबर: पूरा देश आज धूमधाम से विजयदशमी मना रहा है, लेकिन पंजाब के अमृतसर में मातम पसरा हुआ है, जी हाँ, आज से ठीक एक साल पहले दशहरे के ही दिन अमृतसर के जोड़ा फाटक पर रावण दहन देख रहे लोगों को रेलगाड़ी रौंदते हुए निकल गयी थी. इस हादसे में 59 लोगों की मृत्यु हो गयी थी. देखते ही देखते उत्सव मातम में बदल गया था.

इस घटना को बीते पूरा एक साल गुजरने को आया लेकिन अभी तक मृतकों के परिजन न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं. पीड़ितों ने मंगलवार को जोड़ा फाटक पहुंच कर प्रदर्शन किया. इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के विरोध में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारी सिद्धू और उनकी पत्नी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोड़ा फाटक की तरफ बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. ऐसे में सभी रास्ते में ही रुक गए और वहीं पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछल एक साल से इंसाफ की मांग की जा रही है. हादसे की जिम्मेदार व्यक्ति को अभी तक सजा नहीं दी गई.

बता दें कि – अमृतसर से विधायक सिद्धू और उनकी पत्नी ने हादसे के बाद बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन सरकार ने पांच लाख रुपये देकर पल्ला झाड़ लिया. वह भी सभी पीड़ितों को नहीं मिले…जिस वक्त हादसा हुआ था उस वक्त सिद्धू की पत्नी भाषण दे रही थी, लोग उन्हें सुन रहे थे. हादसे के बाद सिद्धू और उनकी पत्नी ने वादा किया था की वो मृतकों के बच्चों को आजीवन पढायेंगें, लेकिन ये दोनों पति-पत्नी अपना वादा भूल गए, पीड़ित परिवार दर-दर भटक रहे हैं.