हिंदी का विरोध करने वाले ओवैसी पर भड़के उपदेश राणा, कहा- ऐसे गद्दारों को देश से बाहर निकालो

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नई दिल्ली, 14 सितम्बर: हिंदुस्तान में रहकर हिंदी दिवस पर हिंदी का ही विरोध करने वाले AIMIM चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर युवा राष्ट्रवादी नेता उपदेश राणा ने जोरदार हमला बोलते हुए कहा- हिंदी का विरोध करने वाले ऐसे गद्दारों को देश से बाहर निकाला जाना चाहिए।

दरअसल गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि – पूरे देश की एक भाषा होना अत्यंत आवश्यक है जो दुनिया में भारत की पहचान बने। आज देश को एकता की डोर में बांधने का काम अगर कोई भाषा कर सकती है तो वह सर्वाधिक बोली जाने वाली हिंदी भाषा ही है। गृहमंत्री के इसी बयान पर ओवैसी आगबबूला हो गए और हिंदी के विरोध में उतर गए.

ओवैसी ने कहा, हिंदी हर भारतीय की मातृभाषा नहीं है। क्या आप इस देश की कई मातृभाषाएं होने की विविधता और खूबसूरती की प्रशंसा करने की कोशिश करेंगे। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने आगे कहा कि अनुच्छेद 29 हर भारतीय को अपनी अलग भाषा और कल्चर का अधिकार देता है।

ओवैसी के हिंदी विरोधी बयान पर पलटवार करते हुए युवा राष्ट्रवादी नेता उपदेश राणा ने कहा कि – ओवैसी का कहना है कि ,सभी भारतीयों की मातृभाषा हिंदी नहीं है, “बिल्कुल सही”, हिंदी मातृभाषा उन गद्दारों ( ओवैसी ) की हो ही नहीं सकती, जो दूसरे देश की भाषा बोलते हैं उनको इस देश में रहने का कोई हक भी नहीं है.