दलित नेता उदित राज ने किया वैज्ञानिकों का अपमान, लोग बोले- आरक्षण न होता तो, तू भीख मांगता

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नई दिल्ली, 9 सितम्बर: 2-3 दिन पहले अपने आप को सबसे बड़ा दलित नेता बताने वाले उदित राज ने चंद्रयान-2 को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे ट्विटर पर उन्हें लोगों ने न सिर्फ़ लताड़ा बल्कि उनकी योग्यता पर भी सवालिया निशान लगाया।

गौरतलब है कि – चंद्रयान-2 के लैंडर का इसरो से कनेक्शन टूटने के बाद जहाँ भारतीयों ने इसरो के वैज्ञानिकों का ढाँढस बँधाया, उदित राज इसमें भी धर्म घुसा कर राजनीति करने से बाज नहीं आए।

उदित राज ने इसरो के वैज्ञानिकों का अपमान करते हुए का कि – हमारे इसरो के वैज्ञानिकों ने अगर नारियल फोड़ने और पूजा पाठ पर विश्वास जताने की बजाय अगर वैज्ञानिक शक्ति और आधार पर विश्वास किया होता तो अब तक मिली आंशिक असफलता का मुँह ना देखना पड़ता।

बता दें कि – जुलाई में इसरो अध्यक्ष के. सिवन और उपाध्यक्ष उमा महेश्वरन ने नेल्लोर स्थित चेंगलम्मा माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर चंद्रयान-2 की सफलता के लिए आशीर्वाद माँगा था।

उदित राज के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर लोगों ने उनको जमकर लताड़ लगाना शुरू कर दिया उनकी योग्यता पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया, लोगों ने यहाँ तक कह डाला। जिन्होंने फ्री में ( आरक्षण ) सबकुछ मिला है वह क्या समझेगा, क़ाबलियत और मेहनत को। देखें कुछ ट्वीट्स।